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मध्यप्रदेश: भिंड में अमेजन के डायरेक्टरों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज, जानिए क्या है पूरा मामला

Sat, 20 Nov 2021 06:03 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड

सार

भिंड पुलिस ने गांजे की तस्करी के मामले में अमेजन के कार्यकारी निदेशकों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत केस रजिस्टर किया है। हाल ही में गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भी चेतावनी दी थी कि अमेजन के अधिकारियों ने सहयोग नहीं किया तो उन पर कार्रवाई होगी। 
 
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भिंड पुलिस ने गांजे के पैकेट बरामद किए जो अमेजन से सप्लाई होते थे। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भिंड जिले के गोहद चौराहा पुलिस ने ड्रग्स की तस्करी के मामले में अमेजन के कार्यकारी निदेशकों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत केस रजिस्टर किया है। हाल ही में राज्य के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भी कहा था कि अमेजन कंपनी के अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे हैं। अगर ऐसा ही व्यवहार रहा तो उसके एमडी और सीईओ के खिलाफ कार्रवाई होगी। 
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भिंड जिले की गोहद चौराहा पुलिस ने 13 नवंबर को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 ख के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने गोहद चौराहा पर रहने वाले पिंटू उर्फ बिजेंद्र तोमर और ग्वालियर निवासी सूरज उर्फ कल्लू पवैया के कब्जे से 21 किलो 734 ग्राम गांजा बरामद किया था। इस मामले में ग्वालियर के मुकुल जायसवाल और मेहगांव निवासी चित्रा बाल्मीक को भी पकड़ा गया था। ये लोग कड़ी पत्ते की आड़ में अमेजन पर गांजे की तस्करी करते थे। पुलिस ने करीब 22 किलो गांजा सहित अमेजन की पैकिंग के डिब्बे, रैपर, बारकोड टैगिंग आदि सामान जब्त किया है। यह तस्करी विशाखापट्टनम से हो रही थी। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी अब तक एक टन से अधिक गांजा ऑनलाइन सप्लाई कर चुके हैं।  

अमेजन से नहीं मिले संतोषजनक जवाब
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पुलिस ने जो जानकारी जुटाई थी, उसके आधार पर अमेजन के अधिकारियों से सवाल किए गए थे। पता चला कि सूरज उर्फ कल्लू पवैया और मुकुल जायसवाल ने बाबू टेक्स (Babu Tex) नामक फर्जी कंपनी बनाई थी। बाद में ASSL अमेजन कंपनी में सेलर के रूप में रजिस्टर्ड होकर STEVIA के रूप में अपने ग्राहकों को विशाखापट्टनम से गांजे की सप्लाई करवाते थे। अमेजन ने जो दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं और जांच में जो दस्तावेज सामने आए हैं, उनमें अंतर मिला है। इस वजह से ASSL अमेजन कंपनी के कार्यकारी निदेशकों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 38 के तहत अपराध दर्ज करते हुए उन्हें आरोपी बनाया गया है। 
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