शिवराज सिंह चौहान और सीएम कमलनाथ
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मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, जो राज्य की सत्ता का भविष्य तय करेंगे। सत्ता वापस पाने के लिए कांग्रेस और भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। दोनों पार्टियों ने अपने-अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है और इसमें 30-30 नेताओं के नाम हैं।
हालांकि हर सीट पर स्थानीय नेता की ज्यादा मांग है। भाजपा से सबसे ज्यादा मांग मुख्ममंत्री शिवराज सिंह चौहान की तो कांग्रेस से सबसे ज्यादा मांग पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की है। अगर सभाओं और चुनावी रैलियों की बात करें तो शिवराज सिंह चौहान कमलनाथ को इसमें पछाड़ रहे हैं।
29 सितंबर से लेकर 22 अक्तूबर तक कमलनाथ ने 19 सभाएं की जबकि शिवराज सिंह चौहान अब तक 38 सभाएं कर चुके हैं। मध्यप्रदेश उपचुनाव में कमलनाथ के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मोर्चा संभालेंगे। अभी तक दिग्विजय सिंह परदे के पीछे रह कर काम कर रहे थे लेकिन अब दो-तीन दिन में उनका कार्यक्रम तय हो जाएगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ रोजाना तीन-चार सीटों पर जाकर रैली कर रहे हैं। ऐसे में यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि बचे हुए दस दिन तक यह नेता हर सीट पर दो बार और जा सकते हैं। शिवराज सिंह चौहान के साथ-साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया भी सभाएं कर रहे हैं।
सिंधिया ने अब तक 25 सभाएं कर ली हैं वहीं नरेंद्र सिंह तोमर ने 17 और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने 19 सभाएं की हैं। रैली करने के लिए भाजपा के पास तीन हेलिकॉप्टर हैं। 15 अक्तूबर तक भाजपा दो हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल कर रही थी, जिसमें से एक मुख्यमंत्री के पास और एक हेलिकॉप्टर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और नरेंद्र सिंह तोमर के लिए था।
18 अक्तूबर से एक हेलिकॉप्टर सिंधिया को दिया गया। इधर कांग्रेस में सिर्फ कमलनाथ ही एक हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं।