मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा की ताकत मौजूदा 109 से घटकर 108 हो जाएगी, क्योंकि पार्टी के सदस्य गुमान सिंह डामोर लोकसभा चुनाव जीतने के बाद विधायक के रूप में इस्तीफा दे सकते हैं।
राज्य इकाई के भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने मंगलवार को बताया कि डामोर विधायक के रूप में इस्तीफा दे देंगे और लोकसभा सदस्य बने रहेंगे। पिछले महीने के लोकसभा चुनावों में, डामोर ने रतलाम-झाबुआ निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया को हराया था।
भाजपा की ओर से डामोर एकमात्र विधायक थे जिन्हें लोकसभा चुनाव में उतारा गया था।
राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग (पीएचई) विभाग में प्रमुख इंजीनियर रह चुके डामोर ने पिछले साल अपने पहले चुनाव में झाबुआ विधानसभा क्षेत्र से भूरिया के बेटे विक्रांत को हराया था।
सिंह ने भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, "राज्य पार्टी इकाई ने फैसला किया है कि डामोर सांसद के रूप में बने रहेंगे और झाबुआ विधानसभा सीट से इस्तीफा देंगे।"
मध्य प्रदेश में कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार की स्थिरता पर किए गए एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा, "हम कमलनाथ सरकार को गिराने की मंशा नहीं रखते हैं... यह अपने खुद के विरोधाभासों से गिर जाएगी।"
विधानसभा चुनाव में, 230 सदस्यों वाले सदन में साधारण बहुमत के लिए जरूरी संख्या बल से सिर्फ दो सीटें कम जीतने वाली कांग्रेस 114 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी।
कांग्रेस ने बसपा, सपा और निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन के साथ गठबंधन सरकार बनाई है।