मध्य प्रदेश नगरीय निकाय चुनाव में नाम वापसी के बाद अब बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने में जुट गई हैं। बीजेपी का दावा है कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को मना लिया है। वहीं, कमलनाथ ने अपने पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से कहा कि जिन्हें टिकट नहीं मिला उन्हें पैर पकड़कर मनाओ।
नगरीय निकाय चुनाव में दोनों ही पार्टी से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता टिकट बांट रहे थे। बीजेपी में 25 सौ से अधिक कार्यकर्ताओं ने अधिकृत प्रत्याशी के सामने नामांकन भर दिया था। पार्टी की तरफ से स्थानीय पदाधिकारी और विधायकों को कार्यकर्ताओं को मनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। जिसके बाद सुबह से ही सभी लोग रूठों को मनाने में जुटे थे। बीजेपी ने दावा किया है कि उसने 2200 से अधिक कार्यकर्ताओं को मना लिया है। वहीं, कई जगह निर्विरोध पार्षद चुने गए हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने बुधवार शाम को अपने आवास पर भोपाल नगर निगम के सभी प्रत्याशियों की बैठक बुलाई। नगर निगम चुनाव हम कांग्रेस पार्टी के संगठन के बल पर जीतेंगे। किसी प्रत्याशी को यह नहीं समझना चाहिए कि वह अपने आप में बहुत ताकतवर है। आप कितने भी शक्तिशाली हों, लेकिन आपको सबके सहयोग की आवश्यकता है। जिन्हें टिकट नहीं मिला और जो आपके वार्ड से प्रमुख लोग हैं, उन्होंने भी कांग्रेस का झंडा उठाया है। उन्हें टिकट ना मिल पाने का मुझे बहुत दुख है। उनके सम्मान में किसी तरह की कमी नहीं आए। आप उन्हें मनाइए और जरूरत पड़े तो उनके पांव पकड़कर अपने साथ लाइये।
कमलनाथ ने कहा कि सभी प्रत्याशियों को अपने वार्ड में सिर्फ अपने वोटों पर ध्यान नहीं देना है बल्कि उन्हें कांग्रेस की महापौर प्रत्याशी विभा पटेल के लिए भी खुद से ज्यादा वोट डलवाने हैं। बैठक वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, कैलाश मिश्रा, आरिफ मसूद, राजकुमार पटेल, महापौर प्रत्याशी विभा पटेल, सहित अन्य प्रमुख नेता मौजूद थे।
बता दें नगरीय निकाय चुनाव में पहले चरण में मतदान 6 जुलाई और दूसरे चरण में मतदान 13 जुलाई को होगा। आयोग की तरफ से नाम वापसी का समय समाप्त होने के बाद चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए गए हैं। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल को आरक्षित चुनाव चिन्ह दिए गए हैं। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशियों को मुक्त चिन्ह दिए गए हैं।