मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से खुद को पदभार मुक्त करने का अनुरोध किया है। चुनावी साल में वरिष्ठ बीजेपी नेता के इस कदम के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि, नंदकुमार का पदभार मुक्त करने का 'अनुरोध' कठुआ गैंगरेप और हत्याकांड पर दिए उनके बयान के कुछ दिनों बाद आया है। उन्होंने कहा था कि "कठुआ गैंगरेप-हत्या कांड समाज को बांटने के लिए पाकिस्तान के एजेंटों द्वारा किया हुआ हो सकता है।"
हालांकि नंदकुमार सिंह चौहान ने मीडिया से बात करते हुए इस पेशकश के पीछे अपनी खंडवा लोकसभा सीट को प्राथमिकता बताया है। उन्होंने कहा, "मैंने पिछले चार सालों तक मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के पद पर अपनी सेवा दी। अब मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करना चाहता हूं। मैं पिछले 4 सालों से अपने निर्वाचन क्षेत्र में नहीं जा पाया। मैंने मुख्यमंत्री से बात की और मुझे पार्टी के पद से मुक्त कर देने के लिए कहा है।"
राज्य भाजपा के सूत्रों के मुताबिक प्रदेश नेताओं का एक समूह नंदकुमार को बाहर करना चाहता है क्योंकि उनका मानना है कि साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव में वे एक मजबूत नेतृत्व नहीं दे पाएंगे।
नंदकुमार अगस्त 2014 में नरेंद्र सिंह तोमर की जगह पर प्रदेश भाजपा इकाई के अध्यक्ष बने थे। जनवरी 2016 में वे इस पद के लिए निर्विरोध चुने गए। अगर बीजेपी नेतृत्व नंदकुमार को बदलने का फैसला लेती है तो उस सूरत में इस पद के लिए कुछ मंत्रियों के नामों पर चर्चा होने लगी है।