मांगों में महंगाई भत्ते (डीए) के 50 प्रतिशत बकाया के भुगतान और अक्टूबर के वेतन में विलंबित वेतनवृद्धि की मांग की है।
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मध्यप्रदेश में सरकारी पावर कंपनियों के कर्मचारियों ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस यानी सोमवार से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। उनकी मांगों में बकाया डीए के भुगतान, विलंबित वेतनवृद्धि की राशि, वेतन में बढ़ोतरी और दिवाली से पहले बोनस शामिल है। बिजली कर्मचारियों और इजीनियरों के मध्यप्रदेश यूनाइटेड फोरम (MPUFPEE) ने पिछले हफ्ते हड़ताल की चेतावनी दी थी।
फोरम के कोऑर्डिनेटर इंजीनियर वीकेएस परिहार ने कहा कि राज्य सरकार की बिजली कपंनियों के कर्मचारियों और इंजीनियरों ने अपनी पांच-सूत्री मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इसमें महंगाई भत्ते (डीए) के 50 प्रतिशत बकाया के भुगतान और अक्टूबर के वेतन में विलंबित वेतनवृद्धि की मांग की है।
उन्होंने कहा, फोरम ने राज्य के बिजली मंत्री और विभाग के प्रमुख सचिव से कई बार मुलाकात की है और उनसे अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की है। इस दौरान आश्वासन तो मिले लेकिन उन पर अमल नहीं हुआ। एमपीयूएफपीईई सरकारी बिजली कंपनियों के इंजीनियरों और कर्मचारियों के 11 संगठनों का फोरम है।
परिहार ने कहा कि हमारी अन्य मांगों को वेतनवृद्धि और संविदा इंजीनियरों और कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता और दिवाली से पहले आउटसोर्स आधार पर जुड़े हुए कर्मचारियों को अक्टूबर के महीने में वेतन का भुगतान शामिल है।