मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज है, नेताओं का प्रचार और जोड़ पकड़ रहा है। यहां 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। अमर उजाला डॉट कॉम आपको बता रहा है राज्य के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा सागर। संवाददाता वैभव कुमार ने आम लोगों और जनप्रतिनिधियों से बात की।
उन्होंने जानने की कोशिश की कि आखिर यहां की जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी जाना कि जनप्रतिनिधि क्या कहते हैं। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि सागर में कैसे हैं जमीनी हालात और किसका पलड़ा है भारी।
सागर भाजपा का गढ़ रहा है और यहां से दो विधायक कैबिनेट मंत्री भी हैं। बहस के दौरान कांग्रेस नेता सुरेंद्र चौबे ने कहा कि 1993 से ये सीट भाजपा के पास रही है। विधायक, मेयर सभी भाजपा के हैं। मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं, लोगों को रोजगार चाहिए। पुलिस अकादमी ने भाजपा सरकार ने गायब करा दिया।
यहां के निवासी जितेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि 15 साल पहले वाकई सड़क की हालत खराब थी, 2 किलोमीटर आधे घंटे में तय होते थे, आज सड़क तो बनी है लेकिन गुणवत्ता नहीं है। कुछ समय गड्ढे बन जाते हैं।
इसके जवाब में भाजपा नेता ने कहा कि यहां से तिगड्डा तक सड़क अच्छी है, गुणवत्ता है। शहर में बढ़िया सड़कें बनाई गई हैं। हालांकि, बरसात में डामर हल्का फुल्का उखड़ जाता है।
एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि पूरे महीने भर का बिलजी बिल आता है लेकिन पानी 15 दिन ही आता है। एक युवा ने कहा कि एक दिन छोड़कर पानी आता है।