मध्यप्रदेश के चुनावी दंगल में 2907 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं । भारत का दिल कहलाने वाला मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है जहां से शबनम मौसी के तौर पर साल 2000 में देश को पहली किन्नर विधायक मिली। राज्य एक बार फिर विधानसभा चुनाव की दहलीज पर है और इस बार शबनम मौसी सहित विभिन्न सीटों से कुल छह किन्नर उम्मीदवार अपना चुनावी भाग्य आजमा रहे हैं।
मध्यप्रदेश चुनाव कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर 28 नवंबर को होने वाले चुनाव के लिये कुल 2907 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें छह किन्नर प्रत्याशी भी शामिल हैं।
इनमें अनूपपुर जिले की कोतमा सीट से पूर्व विधायक शबनम मौसी उर्फ शबनम कोल (61), मुरैना जिले की अंबाह सीट से नेहा किन्नर (28), दमोह जिले की दमोह सीट से रिहाना सब्बो बुआ (56), शहडोल जिले की जयसिंह नगर सीट से सुन्दर सिंह ऊर्फ सल्लू मौसी (30), होशंगाबाद जिले की होशंगाबाद सीट से पांची देशमुख (44) एवं इन्दौर जिले की इन्दौर-2 सीट से बाला वैश्वरा (28) अपनी किस्मत आजमा रही हैं।
पांची देशमुख अखिल भारत हिन्दू महासभा की टिकट पर चुनाव लड़ रही है, जबकि बाकी पांचों किन्नर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं।
देश की पहली किन्नर विधायक शबनम मौसी मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के सोहागपुर निर्वाचन क्षेत्र से वर्ष 2000 के उपचुनाव में निर्दलीय चुनी गई थीं। 14 से अधिक भारतीय भाषाओं की जानकार शबनम मौसी ने तब 44.08 प्रतिशत मत लेकर भाजपा के उम्मीदवार को 17,863 मतों से हराया था। इस बार शबनम का मुकाबला भाजपा के पूर्व विधायक रह चुके दिलीप कुमार जायसवाल एवं कांग्रेस के सुनील कुमार से है।