मध्यप्रदेश में मतदान होने में बस कुछ ही घंटों का समय बाकी है। मुख्य चुनाव अधिकारी वी. कांताराव ने बताया कि प्रदेश में मतदान के लिए 65 हजार मतदान केंद्र बनाये जाएंगे। इन मतदान केंद्रों में लगभग दो हजार केंद्रों पर महिलायें मतदान संपन्न कराएंगी।
मतदान कार्यों के लिए कुल तीन लाख कर्मी लगाए गए हैं जिनमें 65 हजार महिला कर्मी शामिल है। ये महिला कर्मी 2000 बूथों पर चुनाव कार्य देखेंगी। इसके अलावा 160 मतदान केंद्रों का जिम्मा दिव्यांग कर्मियों को दिया गया है।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि आखिरी के 48 घंटों में किसी भी तरह का प्रचार करने की अनुमति नहीं है। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया और रेडियो प्रचार भी इसमें शामिल हैं। प्रदेश के तीन लाख कर्मियों के अतिरिक्त केंद्र सरकार के भी 12 हजार कर्मी लगाए गए हैं। यह पर्यवेक्षक की भूमिका निभाएंगे। नेत्रहीन मतदाताओं के लिए ब्रेल लिपि के मतदाता पहचान पत्र जारी किये गए हैं।
चुनाव में सीधी लड़ाई भाजपा और कांग्रेस के बीच है। शिवराज सिंह चौहान लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज होना चाहते हैं। वहीं कांग्रेस भाजपा का विजयी रथ रोककर प्रदेश में अपना वनवास खत्म करने को पूरा दम लगा रही है।