उज्जैन के सांसद चिंतामणि मालवीय पर पुलिस से बदसलूकी के मामले में महाकाल थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। उनके साथ 8 और लोगों पर भी मामला दर्ज किया गया है। उज्जैन पुलिस ने सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के अलावा आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित धाराएं भी लगाई हैं। खास बात ये है कि मालवीय पर महाकालेश्वर एक्ट भी लगाया गया है।
पूरा मामला है क्या?
शुक्रवार को सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने परिवार के साथ महाकाल मंदिर में पूजा करने आए थे। तैयारियों का जायजा लेने के लिए भाजपा सांसद चिंतामणि मालवीय मंदिर में प्रवेश करना चाह रहे थे। लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वो उन पर गुस्सा होने लगे। आरोप है कि मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ उन्होंने गाली-गलौज भी की। इससे जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वो पुलिसकर्मियों पर बरसते नजर आ रहे हैं।
ये पहली बार नहीं है कि चिंतामणि और कानून एक दूसरे से उलझते नजर आए हों। इससे पहले दिवाली के मौके पर भी वो पटाखे जलाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का खुला विरोध कर चुके हैं।