मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 को लेकर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज है, नेताओं का प्रचार और जोड़ पकड़ रहा है। यहां 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। अमर उजाला डॉट कॉम आपको बता रहा है राज्य के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा रायसेन। संवाददाता वैभव कुमार ने लोगों से बात कर यहां हालात का जायजा लिया।
उन्होंने जानने की कोशिश की कि आखिर यहां की जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी जाना कि जनता के मन में क्या है। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि रायसेन में क्या हैं जमीनी हालात।
रायसेन के एक स्थानीय पत्रकार ने कहा कि रायसेन प्रदेश के 52 जिलों के सबसे पिछड़े जिलों में शुमार है। यहां विकास के नाम पर नेताओं ने बहुत वादे किए लेकिन दिया कुछ नहीं। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह विदिशा संसदीय क्षेत्र से, जिसमें रायसेन भी शामिल है, पांच बार सांसद रहे लेकिन रायसेन के लिए कुछ नहीं किया। सिवाय कोरे आश्वासनों के।
एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि क्षेत्र में बेरोजगारी बहुत ज्यादा है।
एक मजदूरों ने कहा कि भ्रष्टाचार की वजह से क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया है।
क्षेत्र के अन्य लोगों की प्रतिक्रिया वीडियो में देखें।