फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मध्यप्रदेश चुनाव 2018: दतिया की जनता की सरकार को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रिया

Fri, 09 Nov 2018 11:47 AM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, दतिया
विज्ञापन
अमर उजाला चुनाव रथ दतिया में - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। अमर उजाला आपको बता रहा है मध्यप्रदेश के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा दतिया। संवाददाता वैभव कुमार ने आम जनता और सियासी दलों से बात करके यहां मूड जानने की कोशिश की। 
विज्ञापन


उन्होंने जाना कि आखिर जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी जाना की जनता इस बार के चुनाव में किसे मौका देने का मन रखती है। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि दतिया इस बार किन मुद्दों पर वोट करने वाला है। 

दतिया में अलग-अलग वर्ग की अलग-अलग समस्याएं हैं। मौजूदा विधायक के काम को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली।

एक व्यक्ति ने कहा कि प्रदेश के हित में बहुत से काम हुए हैं। मध्यप्रदेश सरकार और केंद्र सरकार अच्छा काम कर रही है। 

वहीं दूसरे शहर से दतिया पहुंचे एक शख्स ने बताया कि सड़कों की हालत ठीक नहीं हुई है। झांसी से दतिया तक सड़कें टूटी हुई है। जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। 
विज्ञापन


वहीं एक युवा ने बताया कि डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दाम से महंगाई बढ़ी है। सड़कें टूटी है और बारिश हो जाए तो सड़कों पर जाम लग जाता है। किसानों को समय से भुगतान नहीं होता, बिजली आती है लेकिन नियमित नहीं है। 

एक अन्य शख्स ने प्रदेश सरकार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विकास कहीं दिखाई नहीं देता। दतिया में मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग बनी है लेकिन उसमें डॉक्टर नहीं हैं। सिर्फ इमारत बनने से अस्पताल नहीं कहलाता, उसमें मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा। 

एक किसान ने समस्या बताते हुए कहा कि डीएपी खाद पहले एक पहले हजार रुपये की मिला करता था, अब 1400-1500 रुपये में बिक रहा है। 

वहीं एक दुकानदार ने कहा कि पिछले आठ-दस सालों में प्रदेश का खूब विकास हुआ है। कानून व्यवस्था भी चाक-चौबंद है। रात बिरात महिलाएं गहने पहनकर घूम सकती हैं। 
विज्ञापन


एक अन्य व्यक्ति ने कहा काम तो हमेशा बाकी रह जाते हैं लेकिन दतिया जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में अमन-शांति है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें