इंदौर पुलिस ने एक महिला को कुछ बच्चों को अगवा कर उनसे भिक्षावृत्ति कराने के जुर्म में गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला पहले तो बच्चों को भीख मांगना सिखाती थी, फिर उन्हें धर्मस्थलों के बाहर छोड़ देती थी। पुलिस ने महिला के पास से नाबालिग भाई-बहन समेत तीन और बच्चियों को मुक्त कराया है।
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में एक महिला पैसे कमाने के लिए कुछ बच्चों को अगवा कर उनसे भिक्षावृत्ति कराते हुए पकड़ी गई है। यदि आपके बच्चे भी इधर-उधर घूम रहे हैं, कहीं जा रहे हैं तो उनका ध्यान रखें। ऐसा न हो वे किसी ऐसे शख्स के हाथ लग जाएं जो उन्हें भिक्षावृत्ति की दलदल में धकेल दे।
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इंदौर में ऐसा ही मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है जो बच्चों को अगवा कर उन्हें भीख मांगवाती थी। इसके लिए वह पहले बच्चों को प्रशिक्षण देती थी कि किस तरह भीख मांगना है।
पुलिस ने बताया कि यह मामला खजराना क्षेत्र का है। यहां कुछ दिन पहले दो नाबालिग भाई-बहन लापता हो गए थे। तलाशने पर भी उनका पता नहीं चला तो पिता ने पुलिस से शिकायत की और गुमशुदगी दर्ज करवाई। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि नौलखा क्षेत्र में रीना नामक महिला बच्चों को अगवा कर उनसे भीख मंगवाती है।
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इंदौर पुलिस ने महिला को किया गिरफ्तार
पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर उसके पास से उन दोनों बच्चों को बरामद किया है। महिला के पास से तीन और बच्चियां भी मिली हैं। महिला का कहना है कि बच्चियां उसकी हैं, लेकिन वह कोई प्रमाण नहीं दे सकी। फिलहाल बच्चियों को बालिका गृह भेजा गया है।
खजराना क्षेत्र से लापता हुए थे भाई-बहन
खजराना थाना प्रभारी दिनेश वर्मा ने बताया कि खजराना क्षेत्र से दस साल की बालिका और आठ साल का बालक लापता होने के बाद पिता ने एफआईआर लिखाई थी। पड़ताल में यह बात पता चली कि दो बच्चे नौलखा क्षेत्र में महिला के साथ देखे गए हैं। इसके बाद महिला को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बच्चों से भीख मंगवाने की बात स्वीकार की।
फटे-पुराने कपड़े पहनाकर सिखाती थी भीख मांगना
पुलिस ने जिन दो बच्चों को महिला के चंगुल से मुक्त करवाया, उन्होंने चौंकाने वाली जानकारी दी है। बच्चों ने बताया कि करीब दस दिन पहले महिला उनको रिक्शा में बैठाकर ले गई। फिर उनको गंदे कपड़े पहनाए और धर्मस्थलों व ट्रैफिक सिग्नलों पर भीख मांगने के लिए छोड़ दिया। बच्ची ने बताया कि उनसे डरा-धमकाकर भीख मंगवाई जाती थी।