कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ
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कांग्रेस मुख्यालय में कमलनाथ ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बीजेपी से सीखने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ता को कोई बताने नहीं जाता, तुम्हें यहां जाना है या ये करना है। कांग्रेस में तो कार्यकर्ता इंतजार करते रहते हैं। इस पर बीजेपी ने कहा कि यह डर अच्छा है।
प्रदेश कांग्रेस पंचायती राज संस्था प्रकोष्ठ की प्रदेश स्तरीय बैठक में कमलनाथ ने कहा कि पहले हम किसी गांव में कह सकते थे कि ये गांव कांग्रेस का है। आज हम किसी घर में जाकर नहीं कह सकते कि ये घर कांग्रेस का है। हर घर तक नेता नहीं जा सकता, लेकिन जिम्मेदारी जा सकती है। यहीं जिम्मेदारी निभाएंगे तो अगले विधानसभा चुनाव में सफल हो पाएंगे। आज लोग बहुत समझदार हो गए हैं। जिनको कभी आप ज्ञान देने जाते थे, वो आज आपको ज्ञान देने के लिए तैयार हैं।
कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी के अंतिम कार्यकर्ता को कोई यह बताने नहीं जाता कि तुम्हें यहां जाना है या यह करना है। कांग्रेस के कार्यकर्ता इंतजार करते है कि कोई आए और हमें बोले। कमलनाथ ने कहा कि हमारा लड़ाई भाजपा से नहीं भाजपा के संगठन से है। इस वीडियो को शेयर कर बीजेपी ने कांग्रेस तंज कसते हुए ट्वीट किया कि यह डर अच्छा है!
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि हमने ग्रामसभा के लिए कानून बनाया, ग्राम समितियां बनाई। निर्णय लेने का अधिकार जनप्रतिनिधियों को दिए, लेकिन आज सारा पंचायती राज शासकीय अधिकारी तंत्र से चल रहा है। मेरे कार्यकाल में एक कमी जरूर रह गई। धारा 40 के अधिकार एसडीएम को देकर बहुत बड़ी गलती कर दी। चुने हुए जनप्रतिनिधियों या वकीलों का ही ट्रिब्यूनल बनाना चाहिए, जो निष्पक्षता से काम करें। जिसने एसडीएम साहब की बात नहीं मानी उस पर धारा 40 की कार्रवाई हो जाती है। हमारी सरकार आएगी तो हम इसमें बदलाव करेंगे। मध्य प्रदेश पंचायती राज ग्राम स्वराज अधिनियम-1993 में धारा 40 के तहत पदाधिकारियों को हटाने का प्रावधान है।