राज्य में छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से संसद सदस्य कमलनाथ ने कांग्रेस के सत्ता में आने पर सरकारी परिसरों में आरएसएस की शाखा आयोजित करने पर प्रतिबंध लगाने के लिए पार्टी के घोषणापत्र से छिड़े विवाद को लेकर भाजपा पर पलटवार किया। भाजपा के कुछ नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस आरएसएस पर प्रतिबंध लगाना चाहती है। इस पर कमलनाथ ने कहा कि उनकी पार्टी केवल प्रोटोकॉल लागू करना चाहती है कि जो चौहान के पहले भाजपा के दो मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल के दौरान लागू था।
उन्होंने कहा, ‘‘वे (भाजपा) झूठ बोलकर लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि हम आरएसएस पर प्रतिबंध लगाएंगे। मैंने कहा है कि हम केंद्र सरकार के नियमों के मुताबिक और उमा भारती और बाबूलाल गौर के समय में जो लागू था उसे लागू करेंगे।
यह पूछा गया कि क्या यह ऐसा मुकाबला है जहां कांग्रेस की साख का फैसला होगा। इस पर कमलनाथ ने कहा, ‘‘राजनीति में करो या मरो कुछ नहीं होता लेकिन निश्चित तौर पर समाज के हर तबके को ठगने वाली इस सरकार को बेनकाब करने के लिए यह बड़ा मुकाबला है।
नौ बार संसद के लिए चुने जा चुके 72 वर्षीय नेता ने कहा कि आज सवाल है कि लोग किसपर भरोसा करते हैं और मेरा मानना है कि शिवराज सिंह चौहान जी और मोदीजी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) के प्रति लोगों का भरोसा खत्म हो चुका है।
(भाषा इनपुट)