इंदौर में लोकायुक्त की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर से बड़ी कार्रवाई की है। डीएसपी प्रवीण सिंह बघेल के नेतृत्व में टीम ने हातोद के पटवारी दीपक मिश्रा को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। जमीन नामांतरण के लिए पटवारी ने एक किसान से 10 हजार रुपये की मांग की थी, जिनमें से दो हजार रुपये किसान उसे दे चुका था। बचे हुए आठ हजार रुपये लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने पटवारी को धर-दबोचा। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा-7 के तहत कार्रवाई की है।
जानकारी के मुताबिक, अरण्या गांव निवासी आवेदक धर्मेद्र सिंह ने अपनी मां के नाम 0.506 कृषि की जमीन खरीदी थी। जिसके नामांतरण के लिए फरवरी 2022 में हातोद तहसीलदार के सामने एक आवेदन प्रस्तुत किया गया था। तहसीलदार ने पटवारी दीपक मिश्रा को मौका निरीक्षण कर रिपोर्ट मांगी थी। बताया गया है कि आवेदक ने अपने अधिवक्ता के जरिए सभी जरूरी दस्तावेज एवं निर्धारित शुल्क जमा करवा दिया था। किसान की माने तो पटवारी ने उसपर आपत्ति लगा दी। आवेदक के जानकारी हासिल करने पर पटवारी ने उनसे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
किसान धर्मेद्र ने तत्काल उसे जमीन के नामांतरण के लिए दो हजार रुपये दे दिए। रिश्वत मांगने को लेकर एक शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की गई। शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने पर आरोपी पटवारी को शेषराशि 8 हजार रुपये लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप कर लिया है।
बता दें कि, लोकायुक्त की टीम ने एमआईजी थाने में तैनात दो पुलिसकर्मियो को रिश्वत लेते पकड़ा है। पूछताछ के लिए थाने लाए युवक को छोड़ने की एवज में रिश्वत की मांग की गई। युवक के परिजनों की शिकायत पर लोकायुक्त की टीम ने 15 हजार लेते पुलिसकर्मियों को पकड़ा लिया। हालांकि, भनक लगने पर दोनों पुलिसकर्मियों ने मौके से भागने का प्रयास किया था, लेकिन बाद में तमाम वीडियो फुटेज के आधार पर दोनों को धर-दबोचा गया।