Shivraj Kamal Nath and Jyotiraditya(FIle Photo)
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कांग्रेस की करारी हार और मध्यप्रदेश में भाजपा नेताओं के सरकार गिराने के दावों के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ कैबिनेट का विस्तार कर सकते हैं। इस बारे में रविवार को होने वाली विधायक दल की बैठक में निर्णय लिया जा सकता है। चर्चा है कि मंत्रिमंडल के गठन के बाद से ही सरकार में जगह न पाने वाले पार्टी के वरिष्ठ विधायक और बाहर से सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों की नाराजगी समय-समय पर सामने आती रही है।
मंत्रिमंडल में वरिष्ठ विधायकों में छह बार के विधायक केपी सिंह, बिसाहूलाल सिंह, एंदल सिंह कंसाना और राज्यवर्द्धन सिंह दत्तीगांव को जगह नहीं मिल पाई थी। वहीं, निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह ठाकुर और केदार सिंह डाबर भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद जता रहे हैं। इधर, बसपा विधायक संजीव सिंह कुशवाहा और सपा के राजेश शुक्ला को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा है।
मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा, यह अभी तय नहीं है। फिलहाल कमलनाथ कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत अन्य 28 मंत्री हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल में छह विधायक और शामिल किए जा सकते हैं। लिस्ट लंबी है और कमलनाथ के लिए चुनौतियां कम नहीं हुई है।