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भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा को रोड शो से रखा दूर, सेहत ठीक नहीं होने का दिया हवाला

Fri, 17 May 2019 08:36 PM IST
अमित मंडल चुनाव डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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साध्वी प्रज्ञा - फोटो : ANI
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नाथूराम गोडसे को ‘देशभक्त’ बताने वाले बयान पर आलोचना का शिकार हुई भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के लिए मुश्किलें शुरू हो गई हैं। उन्हें जनता से दूर रखने के प्रदेश भाजपा के कथित फैसले के बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य कारणों से बुरहानपुर के रोड शो में शामिल नहीं किया। बता दें कि प्रज्ञा को पार्टी ने उनके बयान के लिए नोटिस जारी किया है और उन्हें 10 दिन के भीतर जवाब देना है। 

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गोडसे पर दिए विवादित बयान के बाद राजनीतिक तापमान बढ़ने के बाद भाजपा ने प्रज्ञा के बयान से किनारा कर लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खरगोन में चुनावी यात्रा के दौरान एक टीवी चैनल से बातचीत में उनकी आलोचना की। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया जाना महात्मा गांधी का अपमान है और वह इस टिप्पणी के लिए प्रज्ञा को मन से कभी माफ नहीं कर पाएंगे। 

प्रज्ञा के बयान को लेकर कांग्रेस ने भगवा दल पर अपना हमला तेज करते हुए कहा कि मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जोड़ी महात्मा गांधी को प्रचार के लिए इस्तेमाल करती है लेकिन विश्वास ‘गोडसेवाद’ में करती है। 
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खरगोन में मोदी ने एक चैनल से कहा कि उन्होंने (प्रज्ञा) माफी मांग ली, अलग बात है। लेकिन मैं अपने मन से कभी माफ नहीं कर पाऊंगा। 

प्रज्ञा शुक्रवार की सुबह खंडवा लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार नंदकुमार सिंह चौहान के पक्ष में रोड शो करने बुरहानपुर शहर पहुंचीं। चौहान के खिलाफ कांग्रेस के उम्मीदवार पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव मुकाबले में हैं।

बताया जा रहा है कि प्रज्ञा रोड शो करतीं उससे पहले ही उन्हें इससे दूर रहने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि इस वजह से साध्वी रोड शो में शामिल नहीं हो सकीं और होटल के कमरे में ही रहीं। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि अगली बार प्रज्ञा ने यदि विवादित बयान दिया तो पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता भी दिखा सकती है।

हेमंत करकरे पर भी दिया था विवादित बयान

मुंबई में 26/11 के आतंकवादी हमले में शहीद पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे पर दिए गए बयान कि उनके (साध्वी प्रज्ञा) शाप के कारण करकरे की आतंकवादी हमले में मौत हुई और बाबरी ढांचे को ढहाने में शामिल होने के विवादित बयान पर मचे हल्ले के बाद भाजपा ने प्रज्ञा को चुप रहने की सलाह दी थी। हालांकि करकरे पर दिए गए बयान को प्रज्ञा ने बाद में वापस लेते हुए माफी मांग ली थी।

इन विवादित बयानों के बाद भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा को अनुशासित रहने के लिए कहा था और चुनाव आयोग ने भी साध्वी पर 72 घंटे के लिए प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया था।

गौरतलब है कि देवास लोकसभा सीट पर 19 मई को होने वाले चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी महेन्द्र सोलंकी के समर्थन में आगर मालवा में रोड शो कर रहीं प्रज्ञा ने एक सवाल के जवाब में स्थानीय समाचार चैनल से गुरुवार को कहा था, ‘‘नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे। गोडसे को आतंकी बोलने वाले खुद के गिरेबान में झांककर देखें। अबकी बार चुनाव में ऐसा बोलने वालों को जवाब दे दिया जाएगा।’’

लांकि, इसके कुछ ही घंटों बाद प्रज्ञा ने अपने इस बयान पर देश के लोगों से माफी मांगते हुए कहा था कि मैं गांधी जी का बहुत सम्मान करती हूं। गांधी जी ने जो देश के लिए किया है उसे भुलाया नहीं जा सकता है। जो पार्टी की लाइन है, भाजपा का निष्ठावान कार्यकर्ता होने के नाते मेरी भी वही लाइन है। 

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