नाथूराम गोडसे को ‘देशभक्त’ बताने वाले बयान पर आलोचना का शिकार हुई भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के लिए मुश्किलें शुरू हो गई हैं। उन्हें जनता से दूर रखने के प्रदेश भाजपा के कथित फैसले के बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य कारणों से बुरहानपुर के रोड शो में शामिल नहीं किया। बता दें कि प्रज्ञा को पार्टी ने उनके बयान के लिए नोटिस जारी किया है और उन्हें 10 दिन के भीतर जवाब देना है।
मुंबई में 26/11 के आतंकवादी हमले में शहीद पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे पर दिए गए बयान कि उनके (साध्वी प्रज्ञा) शाप के कारण करकरे की आतंकवादी हमले में मौत हुई और बाबरी ढांचे को ढहाने में शामिल होने के विवादित बयान पर मचे हल्ले के बाद भाजपा ने प्रज्ञा को चुप रहने की सलाह दी थी। हालांकि करकरे पर दिए गए बयान को प्रज्ञा ने बाद में वापस लेते हुए माफी मांग ली थी।
इन विवादित बयानों के बाद भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा को अनुशासित रहने के लिए कहा था और चुनाव आयोग ने भी साध्वी पर 72 घंटे के लिए प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया था।
गौरतलब है कि देवास लोकसभा सीट पर 19 मई को होने वाले चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी महेन्द्र सोलंकी के समर्थन में आगर मालवा में रोड शो कर रहीं प्रज्ञा ने एक सवाल के जवाब में स्थानीय समाचार चैनल से गुरुवार को कहा था, ‘‘नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे। गोडसे को आतंकी बोलने वाले खुद के गिरेबान में झांककर देखें। अबकी बार चुनाव में ऐसा बोलने वालों को जवाब दे दिया जाएगा।’’
लांकि, इसके कुछ ही घंटों बाद प्रज्ञा ने अपने इस बयान पर देश के लोगों से माफी मांगते हुए कहा था कि मैं गांधी जी का बहुत सम्मान करती हूं। गांधी जी ने जो देश के लिए किया है उसे भुलाया नहीं जा सकता है। जो पार्टी की लाइन है, भाजपा का निष्ठावान कार्यकर्ता होने के नाते मेरी भी वही लाइन है।