डेढ़ साल की बच्ची की हत्या करने वाली महिला को आजीवन कारावास
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राजधानी भोपाल में ढाई साल पहले डेढ़ साल की बच्ची की हत्या की दोषी 50 साल की महिला अनुषा पाल को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अनुषा ने पड़ोसी से रंजिश में उसकी डेढ़ साल की बच्ची को पानी में डुबोकर मार डाला था।
अपर सत्र न्यायाधीश स्मृता सिंह ठाकुर ने दोषी को सजा सुनवाई। अनुषा पाल को धारा 302 कठोर आजीवन कारावास व 500 रुपये जुर्माना, धारा 364 में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रुपये जुर्माना और 201 में 5 वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रुपये का जुर्माना लगाया। शासन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक राम कुमार खत्री ने पैरवी की।
राम कुमार खत्री ने बताया कि 11 सितंबर 2019 को मोहिनी मालवीय ने थाना हबीबगंज में अपनी डेढ़ साल की बच्ची की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें सामने आया कि मोहिनी की पड़ोसन अनुषा पाल उससे रंजिश रखती थी और उसने योजना बनाकर बच्ची को घर की सीढ़ी से ले जाकर दाना पानी रोड पर ब्लोसम नर्सरी के पास नाक मुंह दबाकर पानी में डुबाकर हत्या कर दी थी। जानकारी के अनुसार अनुषा अपने पति को छोड़कर हबीबगंज के पीसी गड्ढा इलाके में अकेली रहती थी। उसके घर लोगों का आना-जाना रहता था। जिस पर मोहिनी कमेंट करती थी। इसके चलते अनुषा और मोहिनी के बीच रंजिश थी।
ऐसे हुआ खुलासा
अनुषा पाल ने हत्या करने के बाद शव को झाड़ियों में प्लास्टिक की बोरी से ढक कर घर आने के लिए सड़क पर पहुंची। तभी काम से लौट रही पड़ोसन संध्या उससे टकरा गई, उसने अकेले खड़े रहने का कारण पूछा तो अनुषा ने रोते हुए बताया कि उसकी मां की तबियत ठीक नहीं है, उससे मिलने जा रही है। संध्या घर पहुंची तो मोहिनी की बच्ची के लापता होने की जानकारी मिली। कुछ देर बाद अनुषा भी अपने घर आ गई। संध्या ने उसकी मां की तबियत के बारे में पूछा तो बताया कि वह नहीं मिली। कुछ देर बाद अनुषा की मां उसके घर पहुंच गई। उसके बिल्कुल स्वस्थ होने पर संध्या को शक हुआ और उसने मोहिनी को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने अनुषा पाल से पूछताछ की तो उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।