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अरेरा कॉलोनी में आवासीय प्लॉटों पर 80 से ज्यादा कारोबार: रहवासियों ने निगम को घेरा, सीलिंग की मांग

Mon, 12 Oct 2026 07:57 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने निगम आयुक्त को पत्र सौंपा। समिति ने 80 से अधिक मामले होने का दावा करते हुए सीलिंग और हाईकोर्ट के आदेश के पालन की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर अवमानना याचिका दायर करने की चेतावनी दी है।
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अरेरा कॉलोनी के रहवासी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी के अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर विवाद फिर गरमा गया है। रहवासियों का आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अवैध व्यावसायिक उपयोग के मामलों में कार्रवाई नहीं हो रही है। सोमवार को संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन को पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की। समिति ने चेतावनी दी कि यदि नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो वह हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर करेगी। समिति ने अपने पत्र में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के 8 सितंबर 2026 के आदेश और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया। रहवासियों के मुताबिक, हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर देकर भू-उपयोग और अनुमतियों की जांच करने तथा चार सप्ताह में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। समिति ने सवाल उठाया कि इसके बावजूद संबंधित संपत्तियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
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2022 में 20 मामले थे, अब 80 से ज्यादा का दावा
संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति का दावा है कि अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियों के मामले वर्ष 2022 में करीब 20 थे, जो अब बढ़कर 80 से अधिक हो गए हैं। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि पहले सील की गई कुछ संपत्तियों में दोबारा व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें मिल रही हैं। रहवासियों का कहना है कि जिन संपत्तियों के स्वीकृत नक्शों, विक्रय विलेख और अन्य दस्तावेजों में आवासीय उपयोग दर्ज है, वहां व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जरूरी अनुमतियों की जांच होनी चाहिए। समिति ने स्पष्ट किया कि केवल फ्रीहोल्ड होने के आधार पर किसी संपत्ति में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने की छूट नहीं मिल जाती।

मास्टर प्लान-2047 का हवाला देकर राहत देने का विरोध
समिति ने प्रस्तावित मास्टर प्लान-2047 का हवाला देकर मौजूदा व्यावसायिक गतिविधियों को वैध ठहराने की किसी भी कोशिश का विरोध किया है। समिति का दावा है कि अरेरा कॉलोनी के संबंधित क्षेत्र को प्रस्तावित योजना में आरजी-3 श्रेणी के तहत आवासीय रखा गया है।
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रहवासियों ने मांग की है कि प्रत्येक संपत्ति के वास्तविक भू-उपयोग, भवन अनुमति और अन्य वैधानिक दस्तावेजों की जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर सीलिंग सहित दंडात्मक कार्रवाई की जाए। समिति ने आशंका जताई कि मास्टर प्लान लागू होने से पहले कुछ लोग अवैध व्यावसायिक निर्माणों को नियमित कराने की कोशिश कर सकते हैं। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति के विवेक त्रिपाठी ने कहा कि अरेरा कॉलोनी की आवासीय पहचान, पर्यावरण और रहवासियों के शांतिपूर्ण जीवन की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखी जाएगी। समिति ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई नहीं होने पर वह न्यायालय का रुख करेगी। इस मामले में नगर निगम का पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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रहवासियों की चार प्रमुख मांगें
- हाईकोर्ट के आदेश का समयसीमा में पालन कराया जाए।
- अरेरा कॉलोनी समेत अन्य आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक उपयोग की जांच हो।
- नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों पर सीलिंग और दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
- न्यायालय के निर्देशों और लागू कानूनों के विपरीत अवैध निर्माणों या व्यावसायिक गतिविधियों का नियमितीकरण न किया जाए।
 
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