मध्य प्रदेश सरकार ने लता मंगेशकर के नाम से 1984 में राष्ट्रीय पुरस्कार स्थापित किया। इसकी शुरुआत करने से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने लता मंगेशकर से कहा था कि हम आपके नाम पर पुरस्कार देना चाहते हैं। इस पर लता मंगेशकर ने जवाब दिया था कि मैं इंदौर को अपना समझती हूं। मध्य प्रदेश को अपना मानती हूं। आपकी इच्छा है।
लता मंगेशकर राष्ट्रीय पुरस्कार पिछले 38 सालों में अब तक 35 कलाकारों को दिया जा चुका है। हालांकि अभी 2019 और 2020 के लिए शैलेंद्र सिंह व आनंद-मिलिंद के नाम की अनुशंसा की जा चुकी है। लेकिन अभी उनको पुरस्कार दिया नहीं गया है। बता दें यह पुरस्कार संगीत निर्देशन और पार्श्व गायन के क्षेत्र में दिया जाता है। इसमें सम्मानित को 2 लाख रुपये की राशि और प्रशस्ति पट्टिका प्रदान की जाती है।
नौशाद को पहला लता मंगेशकर पुरस्कार मिला
संस्कृति संचालनालय की वेबसाइट के अनुसार प्रसिद्ध संगीतकार नौशाद को मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से पहला राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार दिया गया। उन्हें 1984-85 में यह पुरस्कार दिया गया। इसके बाद गायक किशोर कुमार, संगीतकार जयदेव, गायक मन्ना डे, संगीतकार ख्याम, गायक आशा भोंसले, संगीतकार लक्ष्मीकांंत प्यारेलाल, गायक येसुदास, संगीतकार राहुलदेव बर्मन, गायक संध्या मुखर्जी, संगीतकार अनिल विश्वास, गायक तलत महमूद, संगीतार कल्याणजी-आनंदजी, गायक जगजीत सिंह, संगीतकार इलिया राजा, गायक एसपी बालसुब्रहमण्यम, संगीतकार महेन्द्र कपूर, संगीतकार रवीन्द्र जैन, गायक सरेश वाडेकर, संगीतकार एआर रहमान, गायक कविता कृष्णामूर्ति, संगीतकार पण्डित ह्दयनाथ मंगेशकर, गायक नितिन मुकेश, संगीतकार रवि, गायक अनुराधा पौडवाल, संगीतकार राजेश रोशन, गायक हरिहरन, संगीतकार उषा खन्ना, गायक अलका याज्ञनिक, संगीतकार बप्पी लाहिरी, गायक उदित नारायण, संगीतकार अनु मलिक, गायक सुमन कल्याणपुर और संगीतकार कुलदीप सिंह को पुरस्कार मिल चुका है।