फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kuno National Park: पवन की राह पर आशा, कूनो से बाहर घूम रही मादा चीता, चार दिन से शिवपुरी इलाके में है मूवमेंट

Thu, 27 Apr 2023 10:47 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर

सार

नामीबिया से लाई गई मादा चीता आशा बीते चार दिनों से कूनो नेशनल पार्क से बाहर घूम रही है। आशा ने शिवपुरी जिले के धोरिया और गाजीगढ़ के क्षेत्र में डेरा जमाया हुआ है। वह जब से बाहर है तब से उसने कोई भी शिकार नहीं किया है।
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कूनो नेशनल पार्क की मादा चीता आशा भी अब नर चीते पवन की राह पर चल पड़ी। आशा बीते तीन-चार दिनों से कूनो से बाहर है। उसकी मूवमेंट शिवपुरी जिले के बैराड़ तहसील के धोरिया गाजीगढ़ के क्षेत्र में है। आशा ने धोरिया और गाजीगढ़ के क्षेत्र में डेरा जमाया हुआ है। कूनो वन विभाग की टीम मौके पर है और आशा की कॉलर आईडी के जरिए उसे ट्रैक कर निगरानी बनाए हुए है।
विज्ञापन


चार दिन से कूनो नेशनल पार्क से बाहर मादा चीता आशा ने अभी तक एक भी शिकार नहीं किया है, जिससे वह भूखी हो सकती है। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों में से नर चीता पवन और मादा चीता आशा लगातार कूनो नेशनल पार्क के बाहर जा रहे हैं। अभी पवन चीता कूनो पार्क में है, लेकिन आशा पिछले चार दिनों से कूनो नेशनल पार्क के बाहर है।



दो चीतों की हुई मौत
कूनो नेशनल पार्क में एक महीने के अंतराल में दो चीते की मौत हो गई है। हाल ही में 24 अप्रैल को वयस्क नर उदय की मौत हो गई, जिसकी उम्र करीब 4 से 5 साल थी, जो 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से आए 12 चीतों में से एक था। उदय को 18 अप्रैल को बड़े-बाड़े के एंक्लोजर नंबर दो में छोड़ा गया था। इससे पहले 27 मार्च को नामीबिया से आई मादा चीता साशा की किडनी फेल होने से मौत हुई थी। फिलहाल इन दो मौतों के बाद कूनो नेशनल पार्क में अब नौ नर और नौ मादा चीता हैं इनके अलावा चार शावक भी हैं, जो कूनो नेशनल पार्क में ही जन्में हैं। फिलहाल चारों शावक स्वस्थ हैं और अपनी मां सियाया के साथ हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें