राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के 18-19 जून के ओंकारेश्वर दौरे को लेकर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। क्षेत्र को नो-ड्रोन जोन घोषित किया गया है। 1500 से अधिक जवान तैनात रहेंगे। राष्ट्रपति दर्शन, आरती और विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के 18 और 19 जून के प्रस्तावित ओंकारेश्वर दौरे को लेकर तीर्थ नगरी में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, विशेष सुरक्षा दल (एसपीजी) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए मंदिर परिसर, वीआईपी मार्ग, हेलीपेड और कार्यक्रम स्थलों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
राष्ट्रपति मुर्मु अपने प्रवास के दौरान भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन-पूजन करेंगी तथा विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी। तैयारियों की निगरानी कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता तथा पुलिस अधीक्षक अगम जैन लगातार कर रहे हैं।
तीन दिन रहेगा नो-ड्रोन जोन
पांच दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास पर रहेंगी राष्ट्रपति
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 18 से 22 जून तक पांच दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास पर रहेंगी। इस दौरान वे इंदौर, बैतूल, खंडवा, जबलपुर, ग्वालियर और श्योपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी। 18 जून को वे बैतूल में ब्रह्माकुमारी संस्थान के कार्यक्रम में भाग लेने के बाद ओंकारेश्वर पहुंचकर दर्शन और आरती में सम्मिलित होंगी। 19 जून को वे अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करेंगी।
मंत्री धर्मेंद्र लोधी होंगे ‘मिनिस्टर-इन-वेटिंग’
राज्य शासन ने राष्ट्रपति के प्रस्तावित भ्रमण के दौरान अगवानी और विदाई के लिए संबंधित जिलों में मंत्रियों को ‘मिनिस्टर-इन-वेटिंग’ नामित किया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार ओंकारेश्वर में 18 और 19 जून को राष्ट्रपति की अगवानी एवं विदाई की जिम्मेदारी संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भावसिंह लोधी को सौंपी गई है। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर ओंकारेश्वर नगरी में उत्साह का माहौल है। मंदिरों, प्रमुख मार्गों और कार्यक्रम स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है तथा नागरिक इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनने के लिए उत्सुक हैं।