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Khargone: कोचिंग जाने की परमिशन मांगने पर वार्डन ने बाल खींचे, सिर दीवार पर मारा, छत्राओं ने रो-रोकर की शिकायत

Mon, 09 Oct 2023 04:20 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन

सार

खरगोन जिले के बड़वाह शहर के बस स्टेशन पर बने शासकीय नवीन सीनियर अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास की अधीक्षिका संगीता कुंडले की कार्यशैली से नाराज करीब 35 छात्राओं ने रविवार देर रात एक शिकायती आवेदन दिया। 
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खरगोन जिले के होस्टल की छात्राओं ने पुलिस से शिकायत की। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के बड़वाह में शासकीय एससी कन्या छात्रावास में रविवार देर रात जमकर हंगामा हुआ। होस्टल में रहने वाली बालिकाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें कोचिंग जाने से वार्डन ने रोक दिया। उनके बाल खींचे और सिर दीवार में मार दिया। छात्राओं ने देर रात थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।  
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खरगोन जिले के बड़वाह शहर के बस स्टेशन पर बने शासकीय नवीन सीनियर अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास की अधीक्षिका संगीता कुंडले की कार्यशैली से नाराज करीब 35 छात्राओं ने रविवार देर रात एक शिकायती आवेदन दिया। बालिकाओं ने अपनी शिकायत में बताया कि हम सभी छात्राओ को कोचिंग जाने के लिए छात्रावास अधीक्षिका द्वारा मना किया जाता है। जबकि हमारे पालकों को इस कोचिंग की पढ़ाई से कोई ऐतराज नहीं है। जब हम रविवार शाम 6 बजे कोचिंग जाने की अनुमति मांगने अधीक्षिका के पास गए तो अधीक्षिका संगीता कुंडले ने हम सबको स्पष्ट रूप से मना करते हुए डराने लगी। जब छात्राओं ने कहा कि आप हमारे अभिभावकों से कोचिंग भेजने की चर्चा कर लो, उन्हें कोई प्रॉब्लम नहीं है तो अधीक्षिका संगीता कुंडले ने पहले एक छात्रा के बाल पकड़े और उसे दीवार पर पटक दिया। इतने पर भी जब उनका मन नहीं भरा तो अधीक्षिका एक बालिका को घसीटते हुए अपने रूम पर ले गई। छात्राओं का कहना है कि इससे पहले भी दो अन्य लड़कियों के साथ मेडम ने पिटाई की थी। जिसके बाद दोनों छात्राओं ने अपने होश खो दिए थे। 

होस्टल अधीक्षिका की इस कार्यशैली से परेशान होकर करीब 35 छात्राओं ने थाने पर जाकर एसडीओपी अर्चना रावत और थाना प्रभारी रामेश्वर ठाकुर को शिकायती आवेदन देकर मैडम के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर छात्रावास की एक अन्य बालिका थाने पर आवेदन देकर थाना परिसर में ही बैठ गई। तो एसडीओपी रावत ने पहले ठोस कार्रवाई के लिए बालिकाओं को आश्वत किया। जिसके बाद उनसे बिना किसी डर के छात्रावास जाकर पढ़ाई करने की बात कही।
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इस मामले में एसडीओपी अर्चना रावत ने कहा कि हमने होस्टल अधीक्षिका से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। रावत ने कहा कि इस मामले में पूछताछ के बाद कार्रवाई की जाएगी। समझाइश के बाद छात्राएं वापस हॉस्टल लौट गईं। 
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