जिले में कपास की सरकारी खरीदी शुरू न होने से नाराज किसानों ने शुक्रवार को कपास मंडी गेट पर धरना प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के नेतृत्व में किसानों ने मंडी गेट पर तालाबंदी करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया।
किसानों का कहना है कि कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) द्वारा लगातार आश्वासन दिए जाने के बावजूद अभी तक खरीदी प्रारंभ नहीं की गई है। धरना स्थल पर मौजूद महासंघ के संगठन मंत्री गोपाल पाटीदार ने बताया कि किसानों के पास सूखा कपास है लेकिन सीसीआई नमी का हवाला देकर खरीदी से बच रही है।
अपनी मांगों को लेकर 19 सितंबर को कलेक्टर भव्या मित्तल को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई थी कि कपास में 25 प्रतिशत नमी स्वीकार करते हुए खरीदी प्रारंभ की जाए। कलेक्टर ने उस समय आश्वासन दिया था कि खरीदी एक अक्टूबर से शुरू होगी, लेकिन अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
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प्रदर्शन के दौरान सीसीआई केंद्र प्रभारी अधिकारी गणेश धसकट ने बताया कि स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिन किसानों के कपास में 8 से 12 प्रतिशत नमी है, ऐसे तीन वाहन का कपास खरीदा गया है। 12 प्रतिशत से नमी अधिक आने के कारण कपास नहीं लिया जा रहा है।
जिले में अब तक 34 हजार किसानों ने सीसीआई के तहत ऑनलाइन पंजीयन कराया है, जिनमें से अकेले खरगोन ब्लॉक के 13 हजार किसान शामिल हैं। गौरतलब है कि शहर में प्रदेश की सबसे बड़ी ए ग्रेड कपास मंडी है और सीजन के दौरान हजारों क्विंटल कपास की आवक होती है।