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ओंकारेश्वर में हादसा: नर्मदा में डूबने लगे इंदौर के पांच लोग, गोताखोरों ने जान जोखिम में डालकर बचाया

Wed, 21 Oct 2026 10:06 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर

सार

इंदौर से नर्मदा स्नान के लिए नावघाटखेड़ी घाट पहुंचे तीन युवतियों सहित पांच लोग बुधवार शाम गहरे पानी में डूबने लगे। गोताखोरों ने सभी को सुरक्षित बचा लिया। स्थानीय लोगों ने गोताखोरों के लिए मोटरबोट, जीवन बीमा और सुरक्षा उपकरणों की मांग की।

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रेस्क्यू करते गोताखोर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खरगोन जिले के बड़वाह स्थित नावघाटखेड़ी नर्मदा घाट पर बुधवार शाम करीब 4:30 बजे बड़ा हादसा टल गया। इंदौर से नर्मदा स्नान के लिए आए तीन युवतियों सहित पांच लोग गहरे पानी में पहुंचने के बाद डूबने लगे। घाट पर मौजूद गोताखोरों ने तत्काल नदी में छलांग लगाई और ट्यूब की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

गोताखोर बाबूलाल मंगले, जितेश केवट, सुरेश केवट और कान्हा गिरी की टीम ने बचाव अभियान चलाया। बाबूलाल मंगले ने बताया कि इंदौर से करीब सात-आठ लोग नर्मदा स्नान के लिए आए थे। इनमें से पांच लोग स्नान करते समय गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। लोगों को डूबता देख घाट पर मौजूद गोताखोर तुरंत सक्रिय हुए और एक-एक कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

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युवती ने बचाने पहुंचे गोताखोर को पकड़ा
बचाव अभियान के दौरान स्थिति उस समय गंभीर हो गई, जब डूब रही एक युवती ने उसे बचाने पहुंचे गोताखोर बाबूलाल मंगले को पकड़ लिया। इससे दोनों के डूबने का खतरा पैदा हो गया। स्थिति को भांपते हुए अन्य गोताखोर तत्काल पानी में पहुंचे और दोनों को संभालकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गोताखोरों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।

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समझाने के बावजूद गहरे पानी में चले जाते हैं लोग
गोताखोर बाबूलाल मंगले ने बताया कि घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को लगातार गहरे पानी में नहीं जाने की हिदायत दी जाती है। इसके बावजूद कई लोग सावधानी नहीं बरतते और गहरे पानी में चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि नावघाटखेड़ी घाट पर आए दिन लोगों को डूबने से बचाने के लिए गोताखोरों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है।

गोताखोरों की सुरक्षा के लिए मोटरबोट और बीमा की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नावघाटखेड़ी नर्मदा घाट पर डूबने की घटनाओं को देखते हुए गोताखोरों के लिए तत्काल मोटरबोट उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही नगर पालिका अथवा ग्राम पंचायत के माध्यम से गोताखोरों का जीवन बीमा कराया जाए और उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाएं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जो गोताखोर दूसरों की जान बचाने के लिए हर दिन अपनी जिंदगी जोखिम में डालते हैं, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी प्रशासन को उठानी चाहिए।
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बोले श्रद्धालु- गोताखोर हमारे लिए भगवान बनकर आए
बचाए गए श्रद्धालुओं ने बताया कि जब वे गहरे पानी में डूबने लगे, तो उन्हें लगा कि अब उनकी जिंदगी खत्म हो जाएगी। ऐसे मुश्किल समय में गोताखोर अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में उतरे और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। श्रद्धालुओं ने गोताखोरों का आभार जताते हुए कहा कि उस समय वे उनके लिए भगवान बनकर आए।

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