मामले की जानकारी देतीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शकुंतला रुहल
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शेयर मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 10 लाख रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़वाह पुलिस ने मामले में गुजरात से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी से अर्जित पूरी राशि 10 लाख 95 हजार 157 रुपए नकद बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार 5 फरवरी को बड़वाह निवासी एक व्यक्ति ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी को अज्ञात लोगों ने व्हाट्सएप के माध्यम से एक ग्रुप में जोड़ा था। ग्रुप में शेयर मार्केट में भारी मुनाफा होने के स्क्रीनशॉट लगातार साझा किए जाते थे। इससे फरियादी को आरोपियों पर भरोसा हो गया।
इसके बाद जालसाजों ने फरियादी के मोबाइल में एक एप्लीकेशन इंस्टॉल करवाई और शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 10 लाख 95 हजार 157 रुपए जमा करवाए। एप में निवेश की रकम और मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाई देता था। जब फरियादी ने रकम निकालने का प्रयास किया तो राशि नहीं निकली। इसके बाद आरोपियों ने पैसे निकालने के लिए सर्विस टैक्स और अन्य शुल्क की मांग की। संदेह होने पर फरियादी ने पुलिस से शिकायत की।
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पुलिस ने मामले में BNS की धाराओं 318(4) और 319(2) में केस दर्ज कर जांच शुरू की। शिकायत को NCRP पोर्टल पर दर्ज करने के साथ ही बैंक अधिकारियों से खातों की जानकारी जुटाई गई। जांच में सामने आया कि धोखाधड़ी की रकम गुजरात के सिद्धपुर निवासी अमित के बैंक खाते में पहुंची थी।
बैंक खाते से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस टीम गुजरात पहुंची और अमित को हिरासत में लिया। न्यायालय से रिमांड लेकर पूछताछ करने पर अमित ने अपना बैंक खाता रिश्तेदार संजय को देने की जानकारी दी। जांच में पता चला कि संजय प्रजापति धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में गुरुग्राम की जेल में बंद है।
न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी करने के बाद बड़वाह पुलिस ने संजय का रिमांड लिया। पूछताछ में संजय ने अपने साथी अनिल ठाकोर के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने की बात बताई। इसके बाद पुलिस ने अनिल को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी की पूरी रकम 10 लाख 95 हजार 157 रुपए नकद जब्त की है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और इस तरह की धोखाधड़ी के मामलों में उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है।