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MP News: भैंसों ने घेरा थाना, परिसर बना तबेला, पुलिस लगी चाकरी में, जानें क्या है अनोखा मामला

Sat, 03 Feb 2024 08:18 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

सार

MP News: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के जावर थाना में इन दिनों अजीब नजारा देखने को मिल रहा है। यहां पुलिस वाले चोर बदमाशों को पकड़ने के अपने काम को छोड़ थाने के ही अंदर भैंसों की खातिरदारी करते दिखाई दे रहे हैं। थाने का स्टाफ बाकायदा किसी पशुपालक की ही तरह सुबह शाम भैंसों को चारा पानी दे रहा है, तो वहीं उनकी सुरक्षा के लिए दिन रात उनके पास ही एक जवान भी तैनात रहता है।

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भैंसों ने घेरा थाना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खंडवा के जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित जावर थाने में इन दिनों 17 भैंसे जुगाली करती देखी जा रही हैं। पुलिस के जवान इन भैंसों के चारे–पानी की व्यवस्था में जुटे हुए देखे जा रहे हैं। इन भैंसों को पुलिस ने एक ट्रक से जब्त किया है, जिसमें इन्हें ठूस ठूस कर क्रूरता पूर्वक भरा गया था।

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बता दें कि आमतौर पर पुलिस जब कभी इस तरह से गौवंश से भरा वाहन पकड़ती है, तो उन्हें गौशालाओं में भिजवा देती है, लेकिन यह मामला भैंसों से जुड़ा हुआ है और इन भैंसों की कीमत करीब 8.5 लाख रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। तो इस कारण इन 17 भैंसों को पुलिस अपनी देखरेख में रख रही है। पुलिस के जवान इन्हे पानी पिलाते है, चारा खिलाते है और इतना ही नहीं जब ये चारा–पानी लेने में नखरे दिखाती है, तो इन्हें सहलाकर मनाते भी है।

थाना स्टाफ दे रहा भैंसों को चारा पानी
इस पूरे मामले को लेकर जावर थाना प्रभारी जेपी वर्मा ने बताया कि आज से चार-पांच दिन पहले एक अशोक लीलैंड ट्रक में 17 भैंसों को क्रूरता पूर्वक ठूस ठूस के भरा गया था, जिसे हमने जब्त करके थाना जावर के कैंपस में रखा है। मेरे निर्देशन में ही हमारे स्टाफ के द्वारा उन भैंसों को चारा, पानी, खली और कपास्या दिया जा रहा है। इस मामले में जब भी माननीय न्यायालय का आदेश होगा तो हमारे द्वारा भैंसों को उसके मालिक के सुपुर्द किया जाएगा। 
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थाना प्रभारी उठा रहे पांच हजार रोजाना का खर्च
जावर थाना प्रभारी वर्मा ने बताया कि अभी इन भैंसों के रखरखाव पर करीब चार से पांच हजार रुपये का खर्चा रोजाना का आ रहा है, जोकि उनके द्वारा ही किया जा रहा है। इन भैंसों की देखरेख जैसे कोई पशुपालक अपने निजी पशुओं की करता है, वैसे ही हमारे स्टाफ के द्वारा इन भैंसों की देखरेख की जा रही है। 

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