खंडवा के मूंदी थाना क्षेत्र में किसान सुखराम (इनसेट) ने जहर खाकर जान दे दी।
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बार-बार कह रहे हैं कि बारिश कम होने के बावजूद किसान चिंता न करें। सरकार हरसंभव उनकी मदद करेगी। इसके बाद भी खंडवा जिले की पुनासा तहसील के एक किसान ने खेत में कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। बारिश न होने के कारण फसल बर्बाद होने के कगार पर थी। इससे परेशान किसान ने आत्महत्या का रास्ता चुना।
मृतक के खेत में लगी कपास और सोयाबीन की करीब चार लाख रुपये मूल्य की फसल पूरी तरह सूख गई थी। डेढ़ महीने पहले बाढ़ आने से उसके बैल भी बह गए थे। उसका भी उसे अब तक मुआवजा नहीं मिला था। इसके चलते किसान मानसिक रूप से परेशान था। सोमवार देर रात उसने यह कदम उठाया । फिलहाल मूंदी पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया और जांच कर रही है। मामला पुनासा तहसील के ग्राम देयत का है। किसान सुखराम ने तीन एकड़ में लगी फसल सूखने की वजह से खेत पर कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। मृतक के खेत में लगी कपास और सोयाबीन की करीब चार लाख रुपये मूल्य की फसल सूख चुकी है और बर्बाद होने के कगार पर थी।
मानसिक रूप से था परेशान
सुखराम के भाई चंदू का कहना है कि उसका भाई कुछ दिनों से परेशान था। उसने बताया था कि उसके जो बैल बहे थे, उनका पटवारी ने सर्वे कर लिया था। अब तक उसका मुआवजा नहीं मिला था। अब उसके तीन एकड़ खेत में लगी फसल पूरी तरह से सूख गई थी। इसमें उसे करीब चार लाख रुपये का नुकसान हो रहा था। इससे वह मानसिक रूप से परेशान था। इसी के चलते उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि भाई के कीटनाशक पीने की जानकारी मिली तो उसे पहले मूंदी के प्राथमिक अस्पताल गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे खंडवा के जिला चिकित्सालय में रैफर किया गया था। देर रात उसने दम तोड़ दिया।
विधायक बोले- 3-4 दिन में शुरू होगा सर्वे
इस मामले में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और पंधाना विधायक राम दंगोरे ने बताया कि एक तरफ तो अतिवृष्टि के चलते मृतक किसान के बैल बह गए थे तो वहीं अब बारिश न होने से फसल सूख गई थी। विधायक दांगोरे ने किसानों से अपील की है कि कोई भी किसान इस तरह का गलत कदम न उठाएं। सरकार उनके साथ है। आने वाले तीन-चार दिन में सरकार किसानों की सूखी फसल का सर्वे करना शुरू कर देगी। उनकी जितनी हानि हुई है, उसकी प्रतिपूर्ति सरकार करेगी।