देश के सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा मध्यप्रदेश की धार्मिक तीर्थनगरी ओंकारेश्वर के समीप थापना में शिव महापुराण कथा का वाचन कर रहे हैं। शनिवार देर शाम वे खरगोन जिले के बड़वाह स्थित दादा दरबार आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने मंदिर में श्रीदादाजी की चरण पादुकाओं के दर्शन पूजन तो किए ही। साथ ही उनके राजमहल में भी पहुंचे। इस दौरान पंडित मिश्रा के आने की जानकारी लगते ही उनके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में महिला-पुरुष भी वहां पहुंच गए। वहीं, उनके आगमन पर दादा दरबार के भक्तों और वेदपाठी के पंडितों ने उनकी भव्य आगवानी की। लेकिन इस दौरान भारी भीड़ जुटने के चलते पंडित मिश्रा दादा दरबार धाम से जल्द ही चले गए।
हालांकि, दरबार धाम से जाने से पहले उन्होंने पत्रकारों से भी विशेष चर्चा की। उन्होंने धूनी वाले दादाजी के धाम को बेहद पवित्र बताते हुए बाबा ओंकार की नगरी में हो रही शिव महापुराण कथा के अनुभव को अद्भुत बताया। वहीं, हाल ही में राधारानी पर दिए गए वक्तव्य को लेकर उन्होंने खुलकर बात करते हुए कहा कि राधारानी को लेकर उनके पुराने वीडियो को काट-छांट कर प्रसारित कर, विधर्मी उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। उन्होंने इसे संतों-ब्राह्मणों को लड़ाने का कुत्सित प्रयास बताते हुए प्रेमानंद महाराज को सहज संत बताया। साथ ही उनके और ब्रजवासियों सहित राधारानी के चरणों में नमन किया।
विधर्मी कर रहे सनातन को नष्ट करने की साजिश
राधारानी पर अपने वायरल वीडियो पर पंडित मिश्रा ने कहा कि कई चीजे हैं, जो वीडियो बनाया है वो काट-छांट कर बनाया गया है। पूर्ण वीडियो जनमानस को नहीं दिया गया है। किसी भी तरह से विधर्मी सनातन धर्म को नष्ट करने के लिए, संतों को आपस में भिड़ाने के लिए, गुरुओं, ब्राह्मणों को आप से भिड़ाने का प्रयास है। इसमें कहीं न कहीं बहुत बड़ी चाल चली जा रही है। वो चाल साधारण नहीं है। कहीं न कहीं से पैसा आया होगा, इसी कारण ये चाल चलने का प्रयास करा गया है और सनातन धर्म को बदनाम करने का प्रयास करा गया है।
राधारानी, प्रेमानंद महाराज, ब्रजवासियों के चरणों में किया नमन
वृंदावन के संत श्री प्रेमानंद जी महाराज ने भी उनके वीडियो पर भी नाराजगी जताई थी। इस पर पंडित मिश्रा ने कहा कि प्रेमानंद महाराज जी सहज, सरल संत हैं। संत के हृदय में कभी कोई पाप नहीं होता। उनके पास भी वीडियो गई होगी, किसी ने उनके ऊपर कुछ बोला होगा, तो उन्हें क्रोध आया होगा। वे तो सहज संत हैं। उनका मार्गदर्शन हमे मिला है। पूरे देश को मिला है, ऐसा नहीं है। उनके चरणों में साधुवाद है, दंडवत है, प्रणाम है, ब्रजावासियों के चरणों में नमन है। राधारानी के चरणों में नमन है। हमारा शीश सदा उनके चरणों में झुका हुआ है।
मेरे शंकर ने बुलाया ये मेरा सौभाग्य
ओंकारेश्वर में हो रही कथा पर अपने अनुभव को लेकर पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि ओंकारेश्वर बाबा के पावन सानिध्य में कथा हो रही है, जिनका घर है उनके घर में आकर कथा करने का सौभाग्य मिला है। मेरे शंकर ने बुलाया, ये मेरा सौभाग्य है। मां नर्मदा की सद्प्रेरणा से ही यह कथा हो रही है। दादाजी दरबार में धूनी वाले दादाजी के दर्शन पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि धूनी वाले दादाजी के चरणों में आज नमन किया। बेहद अच्छा अनुभव है। सम्पूर्ण विश्व में जिन्होंने शांति का प्रतीक दिया, जनमानस को जीने की कला दी है। ऐसा पवित्र स्थल है धूनीवाले दादाजी का ये धाम।