फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Khandwa: गुजरात में लूट के मामले में फरार निकला बजरंग दल का शहर अध्यक्ष, पहचान छिपा 25 साल से काट रहा था फरारी

Thu, 18 Jan 2024 06:23 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, खंडवा

सार

खंडवा जिले के हरसूद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले छनेरा के सड़ियापानी रोड पर रहने वाले डॉ. अजय पटेल को गुजरात से आई क्राइम ब्रांच की टीम ने लूट के एक मामले में गिरफ्तार किया है। 
विज्ञापन
हरसूद के डॉ. अजय को 25 साल पुराने लूट के मामले में गिरफ्तार किया गया है। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में बीते 25 सालों से फरारी काट रहे लूट के एक आरोपी को गुजरात से आई क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा है। आरोपी पहचान छिपा कर यहां के हरसूद थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी की खरीदी-बिक्री सहित दलाली और सहकारी जैसे कई कामों को अंजाम दे रहा था, जिसकी भनक लगते ही गुजरात पुलिस ने हरसूद पुलिस की मदद से उसे धरदबोचा। बताया जा रहा है कि आरोपी कट्टर हिंदू संगठन बजरंग दल का शहर अध्यक्ष रहते हुए जिले के बड़े नेताओं से लगातार संपर्क में रहता था। इसकी धौंस भी वह बड़े अफसरों पर जमाया करता था, तो वहीं आरोपी ने चौकन्ना रहने के लिए अपने घर के भीतर तक सीसीटीवी कैमरे लगाकर रखे थे। 
विज्ञापन


खंडवा जिले के हरसूद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले छनेरा के सड़ियापानी रोड पर रहने वाले डॉ. अजय पटेल को गुजरात से आई क्राइम ब्रांच की टीम ने लूट के एक मामले में गिरफ्तार किया है। स्थानीय पुलिस के अनुसार गुजरात के अहमदाबाद से आई क्राइम ब्रांच की एक टीम ने 25 साल पुराने गुजरात के नवसारी जिले में दर्ज अपराध क्रमांक 164/1999 में आईपीसी की धारा 224 के तहत आरोपी पटेल को गिरफ्तार किया है तो वहीं गुजरात पुलिस ने बताया कि आरोपी का असली नाम मोतीलाल पिता हरिसिंह उर्फ हंसराज जाटव (बंजारा) है। वो यहां छनेरा में डॉ. अजय पटेल के नाम से रह रहा था। यहां बता दें कि डॉ. पटेल बजरंग दल हरसूद का शहर अध्यक्ष भी है। गुजरात पुलिस की दबिश के बाद हड़कंप मच गया है। क्योंकि डॉ. पटेल यहां साहुकारी के अलावा जमीन जायदाद के क्रय-विक्रय का काम करता था तो वहीं कट्टर हिंदूवादी छवि का नेता होने के चलते जिले के कांग्रेस और बीजेपी के कई बड़े नेताओं से इसके संबंध भी बताई जा रहे हैं। जिनका फायदा उठाते हुए यह बड़े अधिकारियों पर भी धौंस जमाने का काम करता था।

क्या है पूरा मामला
गुजरात पुलिस के अनुसार मोतीलाल जाटव उर्फ डॉ. अजय पटेल और उनके दो साथियों ने गुजरात के नवसारी में एक लूट की वारदात को 1999 में अंजाम दिया। कुछ समय बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मोतीलाल बीमारी के बहाने नवसारी हॉस्पिटल में भर्ती हुआ। जहां से वह फरार हो गया था। मोतीलाल उर्फ डॉ. पटेल की फरारी के घटनाक्रम में गुजरात पुलिस के तीन पुलिसकर्मी निलंबित भी हुए। पिछले 25 सालों से गुजरात पुलिस मोतीलाल की तलाश कर रही थी। मोतीलाल मूलतः ग्राम भातपुरे तहसील शेरपुर जिला धुलिया (महाराष्ट्र) का निवासी है। नवसारी जिले में लूट के मामले में गुजरात पुलिस ने भादवि की धारा 398 का मामला दर्ज किया था। गुजरात पुलिस के क्राइम ब्रांच निरीक्षक केएस सिसौदिया ने बताया कि आरोपी ने 25 साल पहले गुजरात में एक लूट की वारदात को अंजाम दिया था, तब से वह फरार था। सूचना मिलने पर उसे क्राइम ब्रांच गुजरात की टीम ने हरसूद से गिरफ्तार किया है, वहां पर वह नाम बदलकर रह रहा था।
विज्ञापन


पुनर्वास का उठाया फायदा
हरसूद थाना प्रभारी अमित कोरी ने बताया कि गुजरात में नवसारी जिला है, जहां पर यह 25 साल पुराने कोई लूट के मामले में वांटेड था। यह अपनी पहचान, नाम और पिता का नाम छिपाकर हरसूद थाना क्षेत्र में डॉ. अजय पटेल के नाम से रहने लगा था। जबकि गुजरात में यह मोतीलाल पिता हरि सिंह उर्फ हंसराज के नाम से रहता था और यहां आकर अजय पटेल पिता मोहन सिंह के नाम से रहने लगा था। थाना प्रभारी कोरी ने बताया कि यह मोतीलाल उर्फ डॉ. अजय पटेल यहां 1999 से पुनर्वास के समय से आकर रहने लगा था, और उस समय पुनर्वास के चलते बहुत से लोगों की आइडेंटिटी स्थापित नहीं हो पाई थी। पुनर्वास के चलते इसका नया लेखा-जोखा बन गया होगा, जिसका फायदा उठाकर ये यहां रहने लगा। थाना प्रभारी कोरी ने बताया कि हालांकि हरसूद में रहने के दौरान मोतीलाल उर्फ डॉ. अजय पटेल पर किसी तरह का कोई अपराध तो दर्ज नहीं हुआ, लेकिन यह हरसूद और मान्धाता क्षेत्र का बजरंग दल का अध्यक्ष बताया जाता है।
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें