डूबते हुए लोगों को बचाते हुए गोताखोर
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यूपी के गोरखपुर से ओंकारेश्वर आए चार लोग सोमवार को नर्मदा में डूबते डूबते बाल बाल बच गए। ओंकारेश्वर मंदिर के ठीक सामने केवलरामघाट पर वे डूबने लगे तो वहां तैनात गोताखोरों ने उन्हें बचा लिया।
घाट पर गोरखपुर के परिवार के लोग स्नान कर रहे थे। इसी दौरान चार लोग नर्मदा नदी के गहरे पानी में पहुंच गए। वे जब डूबने लगे परिवार के लोगों ने मदद की गुहार लगाई। वहां मौजूद नाविक संघ के गोताखोर राकेश केवट, जयराम भवारिया एवं एसडीआरएफ तथा होमगार्ड के गोताखोरों ने तुरंत मोर्चा संभाला और चारों को बचा लिया।
जिन यात्रियों को बचाया गया, उनमें शैलेश कुमार उम्र 40, आयुष सोनकर उम्र 20, अंकुर उम्र 18 वर्ष और आशीष सोनकर उम्र 35 वर्ष हैं। यदि गोताखोर थोड़ी सी भी देर कर देते तो चारों लोग नर्मदा नदी में डूब जाते।
बड़ी संख्या में ज्योतिर्लिंग दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु
उल्लेखनीय है कि 2023 की विदाई और नव वर्ष के स्वागत के मौके पर बड़ी संख्या में देशभर से श्रद्धालु भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन से पहले भक्तों ने नर्मदा स्नान किया। इस मौके पर स्थानीय प्रशासन ने नदी के तटों पर विशेष टीमें तैनात कर रखी थीं।
भोलेनाथ ने मदद के लिए भेजा
जिन चारों लोगों को बचाया उनके परिवार वालों ने कहा कि भगवान भोलेनाथ ने ही इन गोताखोरों को हमारी मदद के लिए भेजा था हमारे परिवार के लोगों को जो जीवन दान दिया है हमारे लिए तो यही भगवान है।
मोरटक्का पर रोकना पड़े वाहन
एक जनवरी 2024 को बड़ी संख्या में लोग नर्मदा स्नान व ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने पहुंचे थे। तीर्थ यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही थी। छोटे वाहनों की संख्या इतनी अधिक हो गई थी कि प्रशासन को कई बार मोरटक्का में यातायात को रोकना पड़ा। आगामी पांच दिनों तक यही स्थिति रहेगी।