बुरहानपुर के गणपति नाका थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक गंभीर हादसा हुआ, जिसमें तीन मंजिला मकान का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। इस हादसे में मकान मालिक अली भाई नौलखा मलबे में दब गए। स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
यह घटना नगर के चंद्रकला वार्ड की है, जहां स्थित मकान लगभग 100 साल पुराना और जर्जर हालत में था। नगर निगम ने मकान की स्थिति के कारण कई बार मकान मालिक को नोटिस जारी किए थे, लेकिन मकान मालिक ने न तो मकान को ढहाया और न ही वहां से स्थानांतरित हुए। इस हादसे ने नगर निगम द्वारा जर्जर मकानों को हटाने के अभियान की पोल खोल दी है।
घटनास्थल पर मौजूद एक स्थानीय निवासी ने बताया कि मकान काफी जर्जर था, और अली भाई को एक महीने पहले ही नोटिस दिया गया था। इससे पहले भी उन्हें कई बार चेतावनी दी गई थी। मकान का पिछला हिस्सा गिरने के बाद अली भाई मलबे में फंस गए थे। मोहल्ले के चार-पांच लोगों ने मिलकर उन्हें बाहर निकाला। मकान का अगला हिस्सा भी काफी जर्जर है, जिससे खतरा बना हुआ है।
सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। निगम कर्मियों ने बताया कि मकान मालिक को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि वे अपना मकान हटा लें, लेकिन उन्होंने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। नगर निगम के इंजीनियर ने कहा कि मकान के नाम को लेकर कुछ आपसी विवाद था, जिसके चलते निगम ने मामले में हस्तक्षेप नहीं किया था।
शेष बचे मकान को ढहाया
नगर निगम के रिमूवल अमले ने घटनास्थल पर पहुंचकर शेष बचे मकान को ढहाने का कार्य शुरू कर दिया है। अगर जरूरत पड़ी, तो पुलिस प्रशासन की भी मदद ली जाएगी। नगर निगम के कर्मचारियों ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की है, ताकि आगे कोई और हादसा न हो। इस घटना ने नगर निगम के कार्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं और जर्जर मकानों को हटाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
बुरहानपुर में सौ साल पुराना जर्जर मकान ढहा
बुरहानपुर में सौ साल पुराना जर्जर मकान ढहा
बुरहानपुर में सौ साल पुराना जर्जर मकान ढहा