मप्र की पर्यटन, संस्कृति और अध्यात्म मंत्री उषा ठाकुर का कहना है कि यदि संस्कारों की कट्टरता सीखनी है तो मुसलमानों को अपना आदर्श बनाना पड़ेगा। बच्चों को धार्मिक संस्कार दृढ़ता से, कट्टरता से देना यह माता-बहनों की जिम्मेदारी है।
जानकारी के मुताबिक बुधवार रात को मंत्री ठाकुर खंडवा दौरे पर गईं थीं। वहां रोहिणी गांव में गो-पूजन कार्यक्रम में शामिल हुईं। यहां मंत्री के साथ विधायक देवेंद्र वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष सेवादास पटेल आदि शामिल हुए। गोशाला समिति ने दाल-बाफले और लड्डू का भोजन करवाया। विधायक वर्मा ने गोशाला की बाउंड्रीवॉल बनाने की घोषणा की। इस दौरान मंत्री ठाकुर ने कहा कि संस्कारों की कट्टरता के लिए मुसलमानों को आदर्श बनाना पड़ेगा। मुसलमानों को पांच बार नमाज पढ़ने के लिए कोई बुलाता है क्या। निमंत्रण देता है कि आप आ जाओ। जो समय तय है, उस समय मुसलमान टोपी रख लेंगे। चाहे अधिकारी, व्यापारी क्यूं न हो, दुनिया के सारे काम छोड़कर नमाज में शामिल होगा। मुसलमान अपने धर्म और संस्कारों के प्रति कट्टर हैं। हम और आप हैं कि गांव में मंदिर बनाने का शौक तो रखते हैं, लेकिन आरती में शामिल नहीं होते। ओटले, चौराहों पर बैठकर गप्पे मारेंगे। अरे भाई...फिर मंदिर बनाया ही क्यूं था।
मंत्री ठाकुर ने कहा कि हर हिंदू परिवार का एक न एक सदस्य मंदिर जरूर जाए। भगवान को भोग अर्पित करें और आरती में शामिल हो। पहले तो मैंने इसकी शुरुआत इंदौर में अपने मोहल्ले से की। 62 लोगों की सूची बनाई, महीने में एक बार-एक परिवार की बारी आती है। घर में जो भी बनता है, रोटी-चटनी का भोग मंदिर में जाकर भगवान को लगाते हैं। खुटफल गांव में रामलीला मंचन के दौरान कांग्रेस को घेरते हुए कहा- राम मंदिर पर कांग्रेस झूठ बोलती रही। शपथ पत्र पर झूठ बोलती रही। उनको तो झूठ बोलने की आदत है। वे सुप्रीम कोर्ट तक गए, अब आप ध्यान रखना कि कांग्रेस दोबारा न आए, हाथ के पंजे पर वोट मत देना।