कुएं में गिरा तेंदुआ, वन विभाग ने रेस्क्यू कर निकाला।
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खंडवा जिले की ग्राम पंचायत खातेगांव में एक खेत में बने कुएं तेंदुआ गिर गया। वन विभाग ने कड़ी मशक्कर कर तेंदुए का रेस्क्यू किया, कुएं से बाहर निकालकर उसे जंगल में छोड़ दिया गया है। दरअसल खंडवा और बैतूल जिले के सीमावर्ती ग्राम खातेगांव के पास रात में भटकते हुए एक तेंदुआ कुएं में गिर गया। सुबह कुएं से तेंदुए के गुर्राने की आवाज आई तो ग्रामीणों ने कुएं में देखा, जिसमें उन्हें तेंदुआ नजर आया। ग्रामीणों ने वन समिति के सदस्यों और वन अमले को तेंदुए के गिरने की सूचना दी। वन विभाग की टीम ने कुएं से तेंदुए को निकाला और उसकी स्वास्थ्य जांच के बाद कालीभीत के जंगल में छोड़ दिया है।
सीढ़ियों की मदद से निकाला गया बाहर
तेंदुए को निकालने के लिए वन विभाग के अमले ने दो सीढ़ियों को एक साथ बांधकर कुएं में डाला और उसकी मदद से तेंदुए का रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के दौरान खंडवा डीएफओ अनिल कुमार शुक्ला भी खातेगांव पहुंचे थे। वनपरिक्षेत्र अधिकारी पूर्व कालीभीत नानकराम कुशवाह, वनपरिक्षेत्र अधिकारी मोरघड़ी अजय सागर, रेस्क्यू टीम वनपाल गणेश काजले, सोहन सिंह सोलंकी, वनरक्षक पंजाबराव पंडाग्रे, मंगल किराड़े, आशीष अरझरिया, प्रदीप ओझा ने तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाला।
पानी की तलाश में रहवासी क्षेत्रों में आ रहे वन्य जीव
गर्मी के दिनों में जंगल में बहने वाले छोटे नदी नाले सूख जाते हैं, जिसके चलते वन्य जीव पानी की तलाश में भटकते हुए रहवासी क्षेत्रों में आ जाते हैं। कालीभीत का जंगल पहाड़ियों पर होने से यहां बहने वाली नदियों व नालों में पानी गर्मी के शुरुआती दिनों में ही सूख जाता है। पानी की कमी के चलते हर साल बड़ी संख्या में वन्यजीव हादसों का शिकार हो जाते हैं। जंगल में पानी की व्यवस्थाओं को लेकर रेंजर कुशवाह ने कहा कि जंगल में बड़ी संख्या में वन्य प्राणी है। गर्मी में इनके लिए पानी की व्यवस्था की जा रही है।