खंडवा में इस तरह चप्पल के सोल में छिपाकर मोबाइल अंदर भेजा जा रहा था।
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मध्य प्रदेश में खंडवा जिला जेल में फिल्मी अंदाज में जेल के अंदर मोबाइल भेजने की साजिश नाकाम हो गई। महिला प्रहरी की सजगता ने बदमाशों के मंसूबों को ध्वस्त कर दिया। यह मोबाइल चप्पल के सोल में छिपाकर जेल में भेजा जा रहा था। इस मोबाइल को जब्त कर लिया गया है। साथ ही इसे जेल के अंदर पहुंचाने की कोशिश कर रहे शख्स की पहचान की जा रही है।
मामला सोमवार का है। खंडवा की जिला जेल में कैदियों से मुलाकात करने वालों की भीड़ थी। परिजन कैदियों के लिए खाना, कपड़े, चप्पल-जूते जैसे सामान लेकर पहुंचे थे। इस बीच दोपहर एक बजे दुष्कर्म की सजा काट रहे चेतन से मिलने उसका कोई साथी आया था। मुलाकात खत्म होने के बाद लोगों ने बंदियों को दिए गए सामान की चेकिंग की गई। कैदियों तक सामान भेजे जाने से पहले ही मुख्य गेट पर सभी थैलियों को खुलवाया गया।
भारी चप्पल से हुआ शक
महिला प्रहरी शिवांगी चौरे थैलियों में रखे सामान की जांच कर रही थी। उन्होंने कैदी चेतन पुत्र सीताराम के नाम की पर्ची वाली थैली देखी। थैली में कपड़े और अन्य सामान के साथ एक जोड़ी चप्पल थी। शिवांगी ने चप्पल उठाकर देखी तो एक भारी और दूसरी हलकी थी। शंका होने पर जब ध्यान से भारी वाली चप्पल को देखा तो उसका पिछला भाग कटा हुआ था। उसे काटकर वापस चिपकाया गया था। जब उसने यह कटे हुए भाग को खोलकर देखा तो उसके अंदर मोबाइल फोन रखा मिला। यह देख महिला प्रहरी और अन्य स्टाफ हैरत में पड़ गया। शिवांगी ने ही मोबाइल फोन मिलने की सूचना जेल अधीक्षक अदिति चतुर्वेदी और जेलर ललित दीक्षित को दी।
एक साल से बंद है चेतन
जेल अधीक्षक अदिति चतुर्वेदी ने मीडिया को बताया कि चप्पल में मोबाइल फोन अंदर पहुंचाने की कोशिश की गई है। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। मोबाइल कैदी चेतन के लिए भेजा गया था। चेतन एक साल से कैद है। दुष्कर्म के मामले में सजा हुई है। उस तक मोबाइल फोन पहुंचाने की कोशिश करने वाले की तलाश की जा रही है। जेल के बाहर लगे कैमरों के फुटेज देख रहे है। आरोपित की पहचान कर उसके खिलाफ कोतवाली थाने में प्रकरण पंजीबद्ध करवाया जाएगा।