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MP Local Body Election: बीजेपी में कमल निशान ही प्रत्याशी तो क्यों अटकी महापौर लिस्ट, जानिए क्या है कारण?

Tue, 14 Jun 2022 01:43 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश में बीजेपी की महापौर प्रत्याशियों की सूची लगातार तीन दिन तक बैठक के बाद भी फाइनल नहीं हो पाई है। भोपाल में पार्षदों के नाम पर भी बीजेपी में सहमति नहीं बनी है।  
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मध्य प्रदेश बीजेपी मुख्यालय भोपाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के महापौर प्रत्याशियों की सूची लगातार तीन दिन तक बैठक के बाद भी फाइनल नहीं हो सकी है। भोपाल में पार्षदों के नाम पर भी बीजेपी में सहमति नहीं बन पा रही है। यूं तो बीजेपी के नेता कमल निशान को ही प्रत्याशी बताते हैं, तब सवाल उठता है कि महापौर और पार्षद की लिस्ट क्यों अटकी पड़ी है? 

दरअसल, बीजेपी में महापौर प्रत्याशियों को लेकर शनिवार को कोर ग्रुप और चुनाव समिति की बैठक में मंथन शुरू हुआ। पांच शहरों के नामों पर सहमति बनी, लेकिन महानगरों में नामों पर असहमति ही रही। इसके पीछे के कारण बीजेपी की प्रत्याशी चयन को लेकर बनाई गाइडलाइन है। इसमें साफ है कि किसी भी स्थिति में नेता पुत्र और पत्नी को टिकट नहीं देंगे। विधायक और सांसद को टिकट नहीं देंगे। दरअसल, पार्टी कार्यकर्ताओं को नाराज नहीं करना चाहती है। इससे पहले भोपाल में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी कह चुके हैं कि यदि नेताओं और उनके परिवार के लोगों को ही टिकट बांटेंगे तो कार्यकर्ता कहां से आएंगे। उन्होंने यह नियम निकाय चुनाव में भी लागू होने की बात कही थी।

उम्र का भी क्राइटेरिया

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इसके अलावा उम्र के क्राइटेरिया का भी ध्यान रखा जा रहा है। ग्वालियर में माया सिंह के नाम पर स्थानीय नेताओं ने असहमति जता दी। उनका कहना है कि एक ही परिवार के लोगों को कब तक टिकट देंगे? 72 वर्षीय माया सिंह उम्र के क्राइटेरिया में भी फिट नहीं बैठती हैं। इस क्राइटेरिया से कई दावेदार बाहर हो गए। ग्वालियर सीट सामान्य महिला के लिए है। ऐसे में ओबीसी वर्ग को टिकट देने का भी विरोध है। दूसरे नंबर पर सुमन शर्मा का नाम है। ऐसे में अब चर्चा है कि बीजेपी ग्वालियर सीट को होल्ड कर बाकी 15 महापौर सीटों का ऐलान कर सकती है।

11 जून से शुरू हो चुका है नामांकन
वहीं, भोपाल में पार्षदों के टिकट को लेकर भी सहमति बनती नहीं दिख रही है। पार्षद प्रत्याशियों के लिए बीजेपी के क्राइटेरिया पर मंथन चल रहा है। यहां पर भी उम्र के साथ ही पूर्व पार्षदों के कार्यकाल की परफार्मेंस को देखा जा रहा है। वहीं, कार्यकर्ताओं की पार्टी की गतिविधियों को लेकर सक्रियता पैमाना रखा गया है। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता आज पार्षद प्रत्याशियों के नाम ऐलान करने की भी बात कह रहे है। प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में 11 जून से नामिनेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नामांकन भरने की अंतिम तारीख 18 जून तय की गई है।

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