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कटनी: चार साल बाद फिर खुली मणप्पुरम डकैती की फाइल, 16 किलो सोने की तलाश में तीन और आरोपी रिमांड पर

Wed, 26 Aug 2026 12:55 PM IST
कटनी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी

सार

करीब चार साल बाद मणप्पुरम गोल्ड लोन डकैती का मामला फिर सुर्खियों में है। लूटा गया 16 किलो सोना अब तक बरामद नहीं हो सका है, लेकिन पुलिस ने ओडिशा जेल से तीन आरोपियों को कटनी लाकर रिमांड पर लिया है। 
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पुलिस रिमांड पर मणप्पुरम गोल्ड लोन डकैती में शामिल 3 आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कटनी की बहुचर्चित मणप्पुरम गोल्ड लोन डकैती के करीब चार साल बाद मामले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। पुलिस ने मामले में तीन और आरोपियों को ओडिशा की संबलपुर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर कटनी लाकर पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस को उम्मीद है कि इन आरोपियों से पूछताछ में न केवल लूटे गए 16 किलो सोने का सुराग मिल सकता है, बल्कि वारदात से जुड़े पूरे नेटवर्क की भी कई अहम कड़ियां सामने आएंगी।

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क्या था मामला?
घटना 26 नवंबर 2022 की सुबह करीब 10 बजे रंगनाथ थाना क्षेत्र के बरगवां स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन शाखा में हुई थी। पुलिस के अनुसार हथियारबंद बदमाश ग्राहक बनकर शाखा में दाखिल हुए और कर्मचारियों को बंधक बनाकर कुछ ही मिनटों में करीब 16 किलो सोने के जेवर और 8 लाख रुपए नकद लूटकर फरार हो गए थे। जांच में सामने आया था कि वारदात से पहले आरोपियों ने कई दिनों तक शाखा की रेकी की थी। इसके लिए फर्जी पहचान पत्र तैयार किए गए और किराए के ठिकानों पर रहकर पूरी योजना बनाई गई थी।

टीमों में बंटकर काम करता था गिरोह
तत्कालीन पुलिस जांच में अंकुश साहू उर्फ विवेक, शहबाज सिद्दीकी, मिथिलेश उर्फ धर्मेंद्र यादव, गोलू उर्फ मनवीर और शिवम तिवारी को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा विकास उर्फ विक्कू को भी पूछताछ के लिए कटनी लाया गया था। पूछताछ में पुलिस के सामने आया था कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग टीमों में काम करते थे। एक टीम रेकी करती थी, दूसरी वारदात को अंजाम देती थी और तीसरी टीम लूटे गए सोने को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने का काम करती थी। पुलिस के मुताबिक वारदात की तैयारी में लाखों रुपए खर्च किए गए थे और डकैती के तुरंत बाद सोने को मध्यप्रदेश से बाहर पहुंचा दिया गया था।
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विवेचना के दौरान पुलिस अनुज शाह, अखिलेश उर्फ विकास और पीयूष जायसवाल को ओडिशा की संबलपुर सर्कल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर कटनी लाई है। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 3 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों से डकैती की साजिश, रेकी, लूटे गए सोने की आवाजाही और गिरोह के अन्य सदस्यों से संपर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है।

अब तक नहीं मिला 16 किलो सोने का सुराग
पुलिस अब तक डकैती में इस्तेमाल की गई दो मोटर साइकिल, लूटी गई एक बाइक, हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और कुछ नकदी बरामद कर चुकी है। हालांकि मामले में लूटा गया करीब 16 किलो सोना अभी तक बरामद नहीं हुआ है।  पुलिस का मानना है कि तीनों नए आरोपियों से पूछताछ इस मामले में अहम साबित हो सकती है। जांच का मुख्य फोकस सोने की आखिरी लोकेशन और उसे ठिकाने लगाने वालों तक पहुंचना है।

सुबोध सिंह के नेटवर्क से जुड़े होने का दावा
पुलिस जांच में इस गिरोह का संबंध बिहार के अपराधी सुबोध सिंह से जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क में बड़ी संख्या में सदस्य शामिल हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में सोने की लूट की वारदातों से इसके तार जुड़े होने की जानकारी मिली है। जांच के मुताबिक नेटवर्क में अलग-अलग लोगों को रेकी, हथियार जुटाने, वारदात को अंजाम देने और लूटे गए माल को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाती थीं। इसी वजह से कई आरोपी गिरोह की पूरी संरचना और सोने के अंतिम ठिकाने की जानकारी नहीं रखते।
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डीएसपी शिवा पाठक के अनुसार पहले गिरफ्तार पांच आरोपियों के अलावा अब तीन अन्य आरोपियों को भी पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। उनसे डकैती की प्लानिंग, रेकी, लूटे गए सोने, फरार आरोपियों और पूरे नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ रही है और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर लूटे गए सोने की बरामदगी और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।

 

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