कैमोर में 85 फीट ऊंचे रावण का दहन
- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश के कैमोर का दशहरा काफी प्रसिद्ध है, इसे देखने के लिए देशभर से लोग कटनी पहुंचते हैं। कैमोर के दशहरे का इतिहास करीब 84 वर्ष पुराना है। कटनी मुख्यालय से 40 किमी दूर बसी औद्योगिक नगरी कैमोर में हर वर्ष के भांति इस वर्ष भी 85 फीट ऊंचा रावण निर्माण किया गया था, इसे बनाने का कार्य एक ही परिवार पिछले कई पीढ़ियों से लगातार कर रहा है। जो पूर्णतः इको फ्रेंडली होता है। इसके लिए आदिवासी परिवार के 20 लोग मिलकर 50 दिन लगातार मेहनत कर रावण को हिस्सों में तैयार करते हैं। वहीं, अंतिम स्वरूप देने एसीसी ग्राउंड में क्रेन के माध्यम से एक के ऊपर एक रखकर उसमें आतिशबाजी के पटाखे लगाए जाते हैं।
नगर परिषद अध्यक्ष रहे गणेश राव ने बताया कि कैमोर के दशहरे में एक भव्य रामलीला आयोजित की जाती है, जिसमें वाराणसी से रामलीला मंडली बुलाई जाती है और गीत संगीत के लिए अलग-अलग स्थानों से कलाकार आते हैं। ये सभी मिलकर रामलीला का हिस्सा बनते हैं और रामायण विवाह, वनवास, सीता हरण से होते हुए रावण दहन तक पहुंचाते हैं। इसके लिए रामलीला प्रबंधक एक चार फीट बड़ा इलेक्ट्रिक बाण बनाते हैं, जो एक तार के माध्यम से होते हुए रावण के नाभि में लगकर शॉर्ट होकर आग लगा देता है। इसी दौरान होने वाली आतिशबाजी से पूरा आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठता है जिसे देखने देशभर के लाखों लोग यहां पहुंचते हैं।