आदिवासी अंचल का कांतू ऊर्फ पुरुष उत्पीड़न विरोधी यात्रा लेकर दिल्ली पहुंच गया।
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मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस पर 10 हजार करोड़ से अधिक का दावा लगाने वाला रतलाम के आदिवासी अंचल का कांतू ऊर्फ पुरुष उत्पीड़न विरोधी यात्रा लेकर दिल्ली पहुंच गया। राष्ट्रपति से मिलकर अपनी पीड़ा सुनाने के साथ ही पुरुष आयोग की मांग को लेकर कांतू द्वारा ज्ञापन भी सौंपा गया है, जिसमें पुरुषों के हक में पुरुष आयोग बनाए जाने की मांग की गई है।
जिले के बाजना क्षेत्र के घोड़ाखेड़ा निवासी कांतू ने तीन दिन पहले अपने कुछ साथियों के साथ रतलाम से यात्रा शुरू की थी। इस दौरान उसके साथ अभिभाषक विजय सिंह यादव भी है। पुरुष उत्पीड़न विरोधी यह यात्रा मंगलवार को दिल्ली पहुंची, वहां पर राष्ट्रपति के नाम कांतू और उसके साथियों ने ज्ञापन सौंपा। अभिभाषक विजय सिंह की मानें तो उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रपति महोदय इस पर संज्ञान लेंगे और पुरुषों के हितों की रक्षा के लिए पुरुष आयोग का गठन किया जाएगा।
कांतू की मानें तो बेगुनाह होने के बाद भी पुलिस ने उसे गैंग रेप के झूठे मामले में फंसाया और 2 साल तक उसे जेल में रहना पड़ा। जेल में उसने कई तरह की यातनाएं सही हैं और परिवार भी सड़क पर आ गया है। ऐसे में अब जाकर वह दोषमुक्त हुआ है। जिम्मेदारों की इस गलती को लेकर पीड़ित ने अपने अभिभाषक विजय सिंह यादव के माध्यम से 10 हजार 6 करोड़ 2 लाख रुपये का क्षतिपूर्ति दावा जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया था।