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संघ कार्यालय से सुरक्षा हटाने पर दिग्विजय हुए नाराज, कमलनाथ ने 24 घंटे की बहाल

Wed, 03 Apr 2019 06:58 AM IST
अनिल पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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दिग्विजय सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भोपाल स्थित दफ्तर 'समिधा' से सुरक्षा गार्डों को हटाने से गरमाई सियासत के 24 घंटे बाद ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दोबारा सुरक्षा को बहाल कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री और भोपाल संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने भी ट्वीट कर कहा कि आरएसएस कार्यालय से सुरक्षा हटाना बिल्कुल उचित नहीं है।

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बताया जा रहा है कि इस मामले में निष्पक्ष निर्वाचन, चुनाव सुधार एवं मतदाता अधिकार समिति के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. सिद्धार्थ गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और भोपाल कलेक्टर से लेकर 13 लोगों को शिकायत की थी। इसी शिकायत के आधार यह कार्यवाही की गई।

इधर, कमलनाथ ने कहा है कि उन्हें चुनाव आयोग में की गई एक शिकायत के चलते व चुनाव कार्य में सुरक्षा बलों की आवश्यकता होने के कारण 'समिधा' से सुरक्षा हटा लेने की जानकारी मिली। कुल छह स्थानों से सुरक्षा हटाने की बात सामने आई है। इसके बाद मैंने अधिकारियों को आरएसएस कार्यालय पर दोबारा सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए हैं। कमलनाथ ने कहा कि आरएसएस से भले ही कांग्रेस के वैचारिक मतभेद हों, लेकिन मैं उनके कार्यालय से सुरक्षा हटाने का पक्षधर नहीं हूं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि भले ही पिछले 15 साल में भाजपा कार्यालय पर सुरक्षा बल तैनात थे, लेकिन कांग्रेस कार्यालय को तत्कालीन सरकार ने कोई सुरक्षा नहीं दी। कांग्रेस सरकार बनने के बाद भी हमने भाजपा कार्यालय को दी जा रही सुरक्षा व्यवस्था को जारी रखा। नाथ ने 'समिधा' की सुरक्षा व्यवस्था हटाए जाने पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया पर कहा कि वे इस मामले पर बेवजह हल्ला मचा रहे हैं। उन्हें विधिवत प्रक्रिया का पालन करते हुए सुरक्षा की मांग करने का आवेदन सरकार को सौंपना चाहिए।

इस बीच एडीशनल एसपी ने कहा कि सुरक्षा दिए जाने की समीक्षा हो रही है। केवल आरएएफ के जवान हटाए गए पूरी, सुरक्षा नहीं।

हमने न कभी सुरक्षा मांगी थी और न कभी मांगेंगे

समिधा कार्यालय के न्यासी कांतिलाल चतर ने कहा कि हमने सरकार से न कोई सुरक्षा मांगी थी और न मांगेंगे। इसका निर्णय सरकार को अपने स्तर पर करना है। उन्होंने कहा कि वोटों के तुष्टिकरण के लिए यह सुरक्षा हटाई गई थी। इसे किस आधार पर हटाया गया, यह समझ से परे है। अगर अधिकारी कारण बताकर सुरक्षा हटाते तो एक प्रकार से मान्य होता। जिस प्रकार से प्रशासन ने निर्णय लिया है, यह मान्य नहीं है। दिग्विजय सिंह के ट्वीट को लेकर चतर ने कहा कि उनकी भावना ठीक नहीं है। केवल सहानुभूति के लिए उन्होंने ट्वीट किया है। हिंदुओं को खुश करने के लिए दोबारा सुरक्षा देने की बात हुई है।
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