मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर गोरक्षा के मुद्दे पर जनता को बेवकूफ बनाने का आरोप लगाया। कमल नाथ ने कहा कि शिवराज सरकार गो रक्षा के लिए गो मंत्रालय खोलने की बात कर रही है। वहीं, गायों के चारागाह की जमीन गोल्फ कोर्स बनाने के लिए दे रही है। कमल नाथ ने यह भी कहा कि सरकार यह फैसला चंद बड़े लोगों के दबाव में ले रही है और इन गोल्फ कोर्स का इस्तेमाल सिर्फ कुछ अमीर लोग ही करेंगे।
कमल नाथ ने कहा कि इस शिवराज सिंह की सरकार के इस विरोधाभासी फैसले से भाजपा के भ्रम की स्थिति का पता चलता है। भाजपा गो-वंश की रक्षा करना चाहती है या फिर उनके चारागाह पर हक जमाकर गोल्फ का खेल खेलना चाहती है। इस पर भाजपा को अपना रुख साफ करना चाहिए और जनता को जवाब देना चाहिए।
कमलनाथ ने कहा कि कैबिनेट की बैठक के दौरान ही इस प्रस्ताव पर असहमति के स्वर उठे थे कि गायों की जमीन गोल्फ कोर्स के लिए देना ठीक नहीं है। लेकिन आपत्तियों को दरकिनार करते हुए गोल्फ कोर्स के प्रस्ताव पर पता नहीं किस वजह से सैद्धांतिक सहमति बनाई गई। इसके पीछे कोई बड़ा खेल खेला जा रहा है।
नाथ ने कहा कि प्रस्तावित जमीन आईएसओ अवार्ड वाले बुल मदर फार्म की है, जहां पर सात सौ गाय-बैल हैं। यहां कृषि की 650 एकड़ जमीन है और पशुओं के चारे के लिए चार सौ एकड़ पर चारागाह है। सरकार अविलंब इस प्रस्ताव को निरस्त करे, अन्यथा कांग्रेस की सरकार बनने पर प्रस्ताव को निरस्त किया जाए।
नाथ ने कहा कि सिवनी विधानसभा के भंडारपुर गांव के किसान संत कुमार सनोडिया ने प्रशासन को खून से एक पत्र लिखने के बाद जहर खाकर खुदकुशी कर ली। क्योंकि उनके चने की फसल का भुगतान नहीं हुआ था। संत कुमार ने प्रशासन को चेतावनी दी थी कि अगर 28 सितंबर तक चने का भुगतान नहीं किया गया तो वह आत्महत्या कर लेगा। इसके बाद भी प्रशासन के कान पर जूं नहीं रेंगी।