पूर्व सीएम कमलनाथ ने आज मीडिया से बात करते हुए सीएम शिवराज पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं शिवराज सिंह जी से नाटक-नौटंकी का मुकाबला नहीं कर सकता। वो मनोरंजन की प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं, कुछ भी बोल लो, कुछ भी समझा लो। सीएम पर जुबानी हमला करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश का हर वर्ग परेशान है। जिस तरफ देखो अव्यवस्था है, शासन व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। बीते 3 दिनों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में जो ओलावृष्टि हुई है उसके सर्वे का कोई प्रबंध प्रभावित जिलों में शुरू नहीं हुआ। उसके लिए आदेश नहीं निकले केवल शिवराज जी का बयान निकला, बयान और उसके क्रियान्वयन में बहुत अंतर है। यही सरकार की खूबी है कि बयान पर जीवित रहो, घोषणाओं पर जीवित रहो।
दो महीनों में पंचायत चुनाव कराए सरकार
पूर्व सीएम कमलनाथ ने राज्य सरकार से अगले दो महीनों में पंचायत चुनाव कराने की मांग की है। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आरोप लगाना बेहद आसान है, ये विधानसभा की रीत है। सरकार कभी पंचायत चुनाव नहीं कराना चाहती थी। ये एक नौटंकी थी। जो भी वो अध्यादेश लाए वो पूरी तरह असंवैधानिक था। ऐसा पंचायत चुनाव बिना आरक्षण के, बिना रोटेशन के, बिना परिसीमन के ऐसा चुनाव कराना आरक्षण वर्ग का अधिकार चौपट करने वाला था। ये एक काला कानून अध्यादेश लाए थे, जिसके विरोध में हम कोर्ट गए थे। मैं अगले दो महीनों में पंचायत चुनाव की मांग करता हूं, जो कि परिसीमन, रोटेशन और आरक्षण के साथ हो, अगर अगले दो महीनों में पंचायत चुनाव नहीं हुए तो हम गांव-गांव में, ब्लॉक-ब्लॉक में आंदोलन करेंगे। पंचायत चुनाव हमारा संवैधानिक अधिकार है। जो कि राजीव गांधी जी ने बनाया था। चुनाव होते रहे, ये कोई नई चीज नहीं है कि चुनाव होना है। ये परंपरा बनी थी, लेकिन 7 साल हो गए कभी कोविड का बहाना बनाया गया। कितने उपचुनाव हो गए लेकिन पंचायत चुनाव नहीं, उपचुनाव हो सकते हैं लेकिन पंचायत चुनाव नहीं। हम गांव-गांव, ब्लॉक में जाकर लोगों को जागरूक करेंगे, संघर्ष करेंगे।