राजस्थान में राज्यसभा की तीन सीटों पर शुक्रवार को होने वाले द्विवार्षिक चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यहां तीन सीटों पर चार उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी भाजपा ने अपनी अपनी पार्टियों और उनको सर्मथन दे रहे विधायकों को अलग-अलग होटलों में ठहरा रखा है। सभी विधायक शुक्रवार को सुबह नौ बजे से राजस्थान विधानसभा भवन में मतदान प्रक्रिया में भाग लेंगे।
दोनों दलों ने मतदान के दौरान किसी तरह की गलती की आशंका टालने के लिए बृहस्पतिवार से अपने अपने विधायकों के लिए 'मॉक पोलिंग' करवाई। कांग्रेस ने अपने विधायकों,निर्दलीय और उनको समर्थन दे रही पार्टियों के विधायकों के साथ बृहस्पतिवार को जयपुर दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित होटल में दो बार मॉक पालिंग का अभ्यास किया जबकि भाजपा ने सीतापुरा स्थित होटल में मॉक पालिंग आयोजित की।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग से प्रत्येक विधायक को अलग पैन उपलब्ध कराने की मांग की थी जिसे स्वीकार कर लिया गया है। 2016 में हरियाणा में राज्यसभा के चुनाव के दौरान पेन बदलने को लेकर विवाद हो गया था जिसके परिणामस्वरूप वोट अस्वीकृत कर दिए गए थे। इस तरह की स्थिति से दूर रहने और कोरोना वायरस संकट को देखते हुए पार्टी ने यह मांग की है।
सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि अपने मत पर निशान लगाने के लिए हर विधायक को चुनाव आयोग अलग से पेन उपलब्ध कराएगा। जोशी ने कहा कि हम चुनाव आयोग के इस निर्णय का स्वागत करते है। निष्पक्ष मतदान के अलावा यह कोरोना वायरस के मद्देनजर एक एहतियाती कदम भी होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और अन्य नेताओं और विधायकों ने मॉक पालिंग में भाग लिया। भाजपा ने होटल में विधायकों के लिए 'आत्मनिर्भर भारत अभियान'पर एक सत्र का आयोजन किया। राज्यसभा की तीन सीटों के लिये मतदान सुबह नौ बजे से चार बजे तक होगा और मतगणना का काम पांच बजे शुरू होगा