दो साल पहले 14 साल की बालिका से दुष्कर्म करने वाले 19 वर्षीय युवक को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार का अर्थदंड भी दिया है। कोर्ट ने कहा है कि शेष प्राकृतिक जीवन काल तक सजा भुगतना होगी।
बता दें कि मामला दो साल पुराना है। नौंवी पढ़ने वाली छात्रा ने पुलिस में शिकायत की थी कि पड़ोसी श्रवण पिता मोहन डेहरिया ने उसे खाना बनाने घर में बुलाया था। मौका पाकर उससे रेप किया।
सहायक मीडिया सेल प्रभारी कुमुद सिंह सेंगर ने बताया कि फरियादी ने थाना बिलकिसगंज में घटना की सूचना दी थी। उसने बताया था कि मैं नौंवी कक्षा में पढ़ती हूं। मेरी उम्र 14 वर्ष है। मैं आरोपी श्रवण को पिछले एक वर्ष से जानती हूं। आरोपी की बहन सुलोचना से मेरा परिचय था और वह मेरे घर आती जाती है। एक रात लगभग आठ बजे सुलोचना दीदी ने मुझसे कहा कि मैं खाना नहीं बना सकती तुम मेरे घर जाकर खाना बना देना। पीड़िता आरोपी के घर खाना बनाने के लिए गई और घर के कमरे में खाना बना रही थी। तभी आरोपी श्रवण कमरे के अंदर आया तभी सुलोचना दीदी ने कमरे का दरवाजा लगा दिया और आरोपी ने कमरे के अंदर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। फिर 20 अक्टूबर 2020 को रात्रि 10 बजे जब पीड़िता दुर्गा जी की झांकी देखने के बाद वापस घर आ रही थी। तभी रास्ते में आरोपी मिला और पीड़िता को जबरदस्ती खेत में ले गया और रेप किया। अगले दिन पीड़िता ने घटना के बारे में अपने परिवार वालों को जानकारी दी। परिजन थाने पर रिपोर्ट कराने के लिए लेकर आए।
मामले की सुनवाई के पश्चात द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अशोक भारद्वाज ने अभियुक्त श्रवण मोहन डेहरिया, निवासी ग्राम सोहनखेड़ा, थाना बिलकिसगंज जिला सीहोर को धारा-376, 506 भादवि एवं धारा-5/6 पॉक्सो विधि के अधीन के तहत आजीवन कारावास (शेष प्राकृतिक जीवन काल तक) एवं कुल 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक केदार सिंह कौरव ने की।