झाबुआ के पेटलावद में हुए हृदयविदारक हादसे को दो दिन बीत चुके हैं लेकिन दो सवाल हर किसी को खाए जा रहे हैं जिनका जवाब पुलिस भी अभी तक तलाश नहीं कर सकी है।
पहला, इतने भयानक विस्फोट की वजह आखिर क्या रही और दूसरा, अपने गोदाम में विस्फोटक रखने का आरोपी राजेन्द्र कासवा फरार है या हादसे में उसकी भी मौत हो चुकी है। वहीं इसी जद्दोजहद के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
माना जा रहा है कि विस्फोट के पीछे कोई बड़ी साजिश भी हो सकती है। दूसरी ओर मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी लगातार दूसरे दिन झाबुआ पहुंचने वाले हैं।
मामले की जांच में जुटी एनआईए
पेटलावद में हुए हादसे की जांच में जुटी स्थानीय पुलिस अभी तक विस्फोट के कारणों को नहीं तलाश सकी है। हालांकि ज्यादा संभावना इसी बात की जताई जा रही है कि गोदाम का मालिक राजेन्द्र कासवा माइनिंग में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटकों का अवैध कारोबार करता था।
इसी वजह से अपने गोदाम में उसने विस्फोटकों और जिलेटिन की छडों का अच्छा खासा जखीरा इकट्ठा कर रखा था। एक चर्चा ये भी कि वह फर्टिलाइजर का काम भी करता था ऐसे में उसने अपने यहां खाद के रूप में इस्तेमाल होने वाला पोटेशियम नाइट्रेट रखा हुआ था, हालांकि मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी इस बात को खारिज करते हुए कहते हैं कि मात्र पोटेशियम नाइट्रेट से इतना खतरनाक विस्फोट होना संभव नहीं है।
इतने व्यापक स्तर पर तबाही कोई खतरनाक विस्फोटक और जिलेटिन ही मचा सकता है। इसी पहलू को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। ऐसे में उम्मीद है कि एक दो दिन में विस्फोट के असली कारण सामने आ सकें।
पुलिस ने कासवा पर घोषित किया एक लाख का ईनाम
वहीं घटना का दूसरा पहलू ये है कि ब्लास्ट के लिए जिम्मेदार माना जा रहा गोदाम मालिक राजेन्द्र कासवा घटना के दिन से ही लापता है। कुछ लोगों का मानना है कि हादसे में उसकी भी मौत हो चुकी है।
हालांकि पुलिस अभी तक यही मानकर चल रही है कि वह परिवार सहित फरार है, यही कारण है कि पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पहले विस्फोट के बाद राजेन्द्र कासवा भागता हुआ अपने गोदाम पर पहुंचा था।
इस दौरान जैसे ही उसने शटर खोलकर अंदर झांकने का प्रयास किया तभी दूसरा विस्फोट हो गया और अन्य लोगों के साथ उसकी भी मौत हो गई। लेकिन यहां बड़ा सवाल ये है कि हादसे के दौरान अगर राजेन्द्र कासवा की मौत हो भी गई तो उसका बाकी परिवार कहां है।
कासवा की मौत की खबर में इसलिए भी झोल नजर आता है कि पुलिस को उसके सर्विलांस पर लगाए गए उसके मोबाइल की लोकेशन अभी भी झाबुआ के आसपास मिल रही है। इसलिए पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी है, जिसके सामने आने के बाद घटना से पर्दा उठ सके।