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झाबुआ पहुंचे शिवराज सिंह को झेलना पड़ा विरोध

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मध्यप्रदेश के झाबुआ के पेटलावड़ में हुए हृदयविदारक हादसे में मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मरने वालों की संख्या 100 के पार पहुंच चुकी है। वहीं अभी तक हादसे के पीछे असली वजहों का अभी पता नहीं चल सका है।
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पुलिस की जांच होटल में सिलेंडर फटने और एक दुकान में रखी विस्फोटक सामग्री में धमाका होने, दोनों ही बिंदुओं पर जारी है। वहीं हादसे के बाद पेटलावड़ पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज चौहान को भी स्थानीय लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ी। लोगों ने उनका जरबदस्त विरोध किया और उनका रास्ता रोकने का प्रयास भी किया।

लोग हादसे के पीछे पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते नाराज थे। हालांकि शिवराज ने लोगों को समझाते हुए कहा कि इस घटना के बाद से मैं ढंग से सो भी नहीं पाया हूं, मेरा मन बहुत दुखी है। उन्होंने मरने वालों के परिजनों को दस दस लाख रुपये की सहायता की घोषणा की। वहीं उन्होंने प्रशासन की भूमिका की जांच का भी आश्वासन दिया।
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सामने आ रही पुलिस-प्रशासन की लापरवाही

वहीं हादसे के पीछे पुलिस प्रशासन की लापरवाही भी बड़ी वजह मानी जा रही है। घटनास्‍थल का हर नजारा रह रहकर पुलिस और प्रशासन को ही कसूरवार ठहरा रहा है। जिसकी नाक के नीचे विस्फोटकों का धंधा इतनी आसानी से चलता रहा और उसे कानों कान खबर नहीं हुई।

हालांकि पुलिस अभी विस्फोट के कारणों की तलाश में जुटी है लेकिन अभी तक की जांच में कुछ भी साफ होता नजर नहीं आ रहा है। घटना के शुरूआत में गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने विस्फोट का कारण होटल में रखे सिलेंडरों में विस्फोट होना बताया था।

लेकिन एनडीटीवी की खबर के अनुसार विस्फोट सिलेंडरों में नहीं होटल के नजदीक की दुकान में रखे विस्फोटकों में हुआ। शार्ट सर्किट के कारण इन विस्फोटकों में आग लगी जिसके कारण इतनी भारी तबाही हुई। खबर के अनुसार इस दुकान/गोदाम में जिलेटिन की 100 छड़ें रखी हुईं थीं। जिनका उपयोग खनन के काम में विस्फोट के लिए किया जाता ‌था। वहीं हादसे के बाद आरोपी राजेन्द्र कासवा परिवार सहित फरार हो गया।
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