झाबुआ के पेटलावद में हुआ बम धमाका अनायास नहीं था, यहां तो घर-घर ऐसे ही धमाकों का सामान तैयार पड़ा है। मामले की जांच में जुटे जांचकर्ताओं को धमाके के आरोपी राजेन्द्र कासवा के ड्राइवर बाबू के यहां से सोमवार शाम 400 जिलेटिन की छड़ें मिली हैं।
माना जा रहा है कि जिलेटिन की इतनी छड़े एक बहुत बड़े क्षेत्र में तबाही मचाने के लिए काफी हैं। बाबू से इस संबंध में पूछताछ की जा रही है कि उसके पास ये छड़ें कहां से आईं। इससे पहले पुलिस ने कासवा के बड़े भाई नरेन्द्र के यहां से सोमवार सुबह 100 जिलेटिन छड़ें बरामद की थीं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार कस्बे के महावीर जैन कालोनी में उस समय ताला लगा हुआ था जब पुलिस ने छापा मारा। इसके बाद ताले को तोड़कर खोला गया और विस्फोटक सामग्री को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया।
पूरे प्रदेश में चलाया गया छापामारी अभियान
वहीं बाबू और नरेन्द्र कासवा के खिलाफ पुलिस ने अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री एकत्र करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है।
वहीं जानकारी के अनुसार पुलिस ने इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में अवैध विस्फोटक रखने के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान बालाघाट पुलिस ने किरणपुरा क्षेत्र में एक दुकान से 350 किलो विस्फोटक बरामद किया है।
बालाघाट जोन के आईजी डीसी सागर ने बताया कि बालाघाट नक्सल प्रभावित क्षेत्र है ऐसे में हम विस्फोटक ले जाने वाले वाहनों पर निरंतर निगरानी रखते हैं।
भाजपा से जुड़ा रहा है राजेन्द्र कासवा
पेटलावद हादसे के मुख्य आरोपी राजेन्द्र कासवा का भी घटना के बाद से अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। हालांकि पुलिस अभी इसी उलझन में फंसी है कि हादसे में उसकी भी मौत हो गई है या घटना के बाद से वह फरार है। पुलिस सरगर्मी से उसकी तलाश कर रही है।
हालांकि इस कासवा के भाजपा से पालीटिकल कनेक्शन की खबर भी सामने आ रही है। कुछ मीडिया खबरों के अनुसार वह भाजपा की व्यापारिक इकाई का जिलाध्यक्ष रहा है। हालांकि इस बता की चर्चा शुरू से ही थी कि उसका भाजपा से संबंध रहा है।
इसको लेकर कांग्रेस ने भी भाजपा और मुख्यमंत्री शिवराज चौहान पर निशाना साध दिया है।