मध्यप्रदेश में पुलिस की सुस्ती को बयां करने वाली घटना सामने आई है जहां मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रहे दांगी समाज के बुजुर्ग कांग्रेस नेता जसवंत सिंह दांगी को बंधक बनाकर पीटा गया और फिर उन्हें प्रताड़ित कर पुलिस की मोबाइल गाड़ी के सामने छोड़ कर चले गए और पुलिस देखती रही। अपराधियों को पकड़ने की बजाए पुलिस ने कहा कि बदमाशों को बाद में देख लेंगे।
देवास जिले के सोनकच्छ में आयोजित मुख्यमंत्री कमलनाथ के कार्यक्रम में शरीक होकर लौट रहे दांगी समाज के देवास के रहनेवाले 60 साल के बुजुर्ग जसवंत सिंह दांगी को बदमाशों ने बंधक बना लिया। खबरों के मुताबिक 12 से ज्यादा बदमाशों ने कांग्रेस नेता को चार घंटे तक बंधक बनाए रखने के बाद चौराहे पर ले जाकर उनकी जमकर पिटाई की।
बदमाशों ने बुजुर्ग नेता की मूंछ, सिर और कान के बाल उखाड़कर उन्हें यातना दी। इतना सब कर गुजरने के बाद बदमाशों ने दांगी को पुलिस की डायल 100 के सामने छोड़ दिया और आसानी से वहां से फरार हो गए।
इस दौरान जसवंत दांगी ने पुलिसकर्मियों से आरोपियों का फोटो खींचने और उन्हें पकड़ने के लिए भी कहा। लेकिन पुलिसकर्मियों ने दांगी को जवाब दिया कि बदमाशों को हम बाद में देख लेंगे। पीड़ित दांगी को इंदौर में निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। बता दें कि कांग्रेस नेता जसवंत सिंह दांगी के साथ यह वारदात मंगलवार को हुई है।
दांगी के बेटे का आरोप- अपराधियों से मिली हुई है पुलिस
पीड़िता जसवंत सिंह दांगी के बेटे नरेंद्र का कहना है कि घायल पिता ने उन्हें बताया कि जब वे बदमाशों के चंगुल में थे तब पीपलरावां टीआई अमित सोलंकी और कुछ पुलिसकर्मियों के फोन बदमाशों के पास आए थे। पुलिस कह रही थी कि एसपी का दबाव है, तुम्हारा काम हो गया हो तो छोड़ दो।
पीपलरावां टीआई अमित सोलंकी का कहना है कि यह आपसी रंजिश का मामला है। मामले के तूल पकड़ने के बाद इंदौर में नौ नामजद आरोपियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
घटना के खिलाफ दांगी समाज में गुस्सा
इस घटना को लेकर दांगी समाज में आक्रोश है। दांगी समाज के प्रदेश अध्यक्ष रवि दांगी ने कहा कि घायल जसवंत के बयान से साफ है कि देवास पुलिस की आरोपियों के साथ साठ-गांठ है। उन्होंने टीआई को निलंबित करने की मांग की। घटना को लेकर दांगी समाज ने बुधवार को देवास एसपी को एक ज्ञापन सौंपा।